NIIF की स्टेक सेल: कंपनी के अच्छे प्रदर्शन का उठाया फायदा
NIIF, Ather Energy का एक प्रमुख निवेशक, अब कंपनी में अपनी 1.92% हिस्सेदारी बेचने के लिए कमर कस चुका है। इस संभावित ब्लॉक डील का मूल्य लगभग ₹533.5 करोड़ आंका जा रहा है। यह डील ₹705.7 से ₹727.55 प्रति शेयर की कीमत पर हो सकती है, जिसमें फ्लोर प्राइस मौजूदा मार्केट वैल्यूएशन से कुछ डिस्काउंट पर रखा गया है। 9 फरवरी 2026 तक, Ather Energy के शेयर BSE और NSE पर करीब ₹725 के स्तर पर ट्रेड कर रहे थे। यह कदम तब उठाया गया है जब Ather Energy ने अपने परिचालन में अहम सुधार दिखाया है, जो संस्थागत निवेशकों के लिए मुनाफावसूली का एक संकेत हो सकता है।
Q3 में Ather Energy की दमदार वापसी, मुनाफे की ओर बढ़ी कंपनी
Ather Energy ने दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही में अपने वित्तीय नतीजों से सबको चौंका दिया है। कंपनी ने ₹83.6 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹197.6 करोड़ के घाटे की तुलना में एक बड़ी राहत है। पिछले क्वार्टर के ₹154.1 करोड़ के घाटे से भी यह काफी कम है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 50% बढ़कर ₹953.6 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹635 करोड़ था। इस ग्रोथ का मुख्य कारण यूनिट बिक्री में 50% का इजाफा (कुल 67,851 वाहन) और गैर-वाहन रेवेन्यू (जैसे सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन) का बढ़ना है, जो अब कुल रेवेन्यू का 14% हिस्सा है। [cite:Original News, 18, 37] कंपनी का एडजस्टेड ग्रॉस मार्जिन (AGM) सालाना आधार पर 111% बढ़कर ₹251.3 करोड़ रहा, और इंसेंटिव को छोड़कर AGM 23% तक पहुँच गया। [cite:Original News, 37] इसके अलावा, EBITDA लॉस घटकर ₹72 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹140 करोड़ था। यह सुधार यूनिट इकोनॉमिक्स में सुधार और लागत प्रबंधन का नतीजा है। [cite:Original News]
प्रतिस्पर्धा का माहौल और EV सेक्टर की चुनौतियां
Q3 FY26 में Ather Energy का मार्केट शेयर बढ़कर 18.8% हो गया, जो कंपनी के लिए उच्चतम तिमाही वॉल्यूम है। [cite:Original News] हालांकि, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेक्टर में मुकाबला कड़ा बना हुआ है। Ola Electric, वॉल्यूम के मामले में सबसे बड़ी EV निर्माता है, लेकिन Q3 FY25 में उसका घाटा बढ़ा और रेवेन्यू घटा। TVS Motor का iQube अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और दिसंबर 2025 तक 8 लाख बिक्री पार कर चुका है। वहीं, Bajaj Auto का Chetak ई-स्कूटर भी Q3 FY26 में 70% की मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ के साथ वापसी कर रहा है। भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार 2026 में परिपक्व हो रहा है, जहाँ अफोर्डेबिलिटी और बेहतर टेक्नोलॉजी अपनाने वालों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन, एल्यूमीनियम और कॉपर जैसी कमोडिटी कीमतों में अस्थिरता और FAME व PM E-Drive जैसी सरकारी सब्सिडी की निरंतरता पर अनिश्चितता इस सेक्टर के लिए संभावित चुनौतियाँ पेश कर सकती हैं।
घाटे में चल रही कंपनी: निवेश का 'बेयर केस'
लगातार रेवेन्यू ग्रोथ और घटते घाटे के बावजूद, Ather Energy अभी भी घाटे में है। Q3 FY26 में ₹84.6 करोड़ का शुद्ध घाटा और पिछले बारह महीनों में ₹651 करोड़ का संचयी घाटा कंपनी की लाभप्रदता पर सवाल खड़े करता है। कंपनी का वैल्यूएशन भी काफी ऊंचा है, जिसमें प्राइस-टू-बुक (P/B) रेशियो लगभग 10.3x है, जो एक सट्टा बाजार मूल्यांकन का संकेत देता है। इसके रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) अभी भी गहरे नकारात्मक हैं। कंपनी का लॉन्ग-टर्म डेट बढ़ रहा है, और हालांकि डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1.5 पर है, बढ़ती देनदारियों पर सावधानीपूर्वक वित्तीय प्रबंधन की आवश्यकता है। TVS Motor और Bajaj Auto जैसी स्थापित कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इसके अलावा, सरकारी प्रोत्साहनों में कोई भी कमी Ather Energy की मांग और मूल्य निर्धारण रणनीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है, खासकर जब कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता बढ़ रही है।
भविष्य की उम्मीदें और विश्लेषकों के लक्ष्य
Ather Energy वित्तीय वर्ष 2026 के अंत तक 700 एक्सपीरियंस सेंटर्स तक पहुंचने की योजना बना रही है ताकि बाजार में अपनी पैठ मजबूत कर सके। विश्लेषकों ने इसके शेयर के लिए औसतन ₹838.17 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तरों से 19% की संभावित बढ़ोतरी का संकेत देता है। आने वाले वित्तीय वर्ष में कंपनी की सब्सिडी परिवर्तनों को संभालने की क्षमता, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव को प्रबंधित करना और लाभप्रदता की ओर बढ़ते हुए अपनी विकास गति को बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
