मुनाफे में कैसे आई कंपनी? | वैल्यूएशन पर भी नज़र
Samvardhana Motherson International के शेयर ने ₹135.83 पर अपना नया 52-Week High बनाया है। कंपनी के Q3 FY26 के नतीजे उम्मीद से कहीं बेहतर रहे, जिससे निवेशकों का भरोसा और बढ़ा। इस तिमाही में कंपनी ने ₹1,072.27 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹984.35 करोड़ की तुलना में 9% की ग्रोथ दर्शाता है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी रिकॉर्ड ₹31,409.39 करोड़ रहा, जबकि EBITDA ₹3,043.07 करोड़ रहा। कंपनी का ऑपरेशनल प्रॉफिट मार्जिन 9.7% पर मजबूत बना हुआ है।
इन शानदार नंबर्स के बाद, कई ब्रोकरेज हाउसेस ने इस स्टॉक पर भरोसा जताया है। Motilal Oswal ने 'Buy' रेटिंग के साथ ₹148 का टारगेट प्राइस दिया है, जो लगभग 15% का अपसाइड दिखा रहा है। Nomura ने भी 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखते हुए ₹140 का टारगेट सेट किया है। पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन में शेयर करीब 11% और पिछले एक साल में 57% चढ़ चुका है। हालांकि, 38-44x के P/E रेश्यो पर इसका वैल्यूएशन कुछ ग्लोबल पीयर्स जैसे Hyundai Mobis (7.8x) और Magna International (14.9x) से महंगा है, लेकिन Bosch (53.09x) के मुकाबले बराबर है।
ऑटो सेक्टर की ग्रोथ और Motherson की पोजीशन
भारतीय ऑटो कंपोनेंट सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। इस सेक्टर के 2030 तक $200 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें FY2026 में 8-10% की CAGR ग्रोथ देखने को मिल सकती है। डोमेस्टिक डिमांड में बढ़ोतरी, प्रति व्हीकल कंटेंट का बढ़ना और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपोनेंट्स की ओर बढ़ता झुकाव इस ग्रोथ को बढ़ा रहा है। ग्लोबल सप्लाई चेन में हो रहे बदलावों से भारत को एक्सपोर्ट्स बढ़ाने के मौके मिल रहे हैं, जो 2026 तक $80 बिलियन तक पहुंच सकते हैं। Motherson इन ट्रेंड्स का फायदा उठाने के लिए अच्छी पोजीशन में है। एनालिस्ट्स का मानना है कि प्रीमियम-ईशैन, EV ट्रांज़िशन और मजबूत ऑर्डर बैकलॉग के कारण यह कंपनी अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। कंपनी नए मार्केट्स में ग्रीनफील्ड फैसिलिटीज में भी निवेश कर रही है।
सेक्टर में कंपिटिशन भी बढ़ रहा है, लेकिन Motherson का डाइवर्सिफाइड रेवेन्यू और हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर फोकस इसे एज देता है।
कर्ज़, मार्जिन और एक्जीक्यूशन के रिस्क
इन सकारात्मक नतीजों के बावजूद, कुछ चिंताएं भी हैं। Nomura के अनुसार, कंसोलिडेटेड नेट डेट ₹1,010 करोड़ से बढ़कर ₹1,060 करोड़ हो गया है। कंपनी का नेट लीवरेज रेश्यो 1.1x है, जो उनकी पॉलिसी लिमिट 2.5x के भीतर है, और प्रभावी नेट डेट दिसंबर 2025 तक ₹11,993 करोड़ था। लेकिन, लगातार विस्तार और मैक्रोइकॉनॉमिक शॉक डेट पर दबाव डाल सकते हैं। कंपनी का ROE (रिटर्न ऑन इक्विटी) 10-12% के आसपास है, जो ज्यादा नहीं है।
ग्लोबल टैरिफ जैसे मुद्दे भी परेशानी खड़ी कर सकते हैं। हालिया एक्विजिशन का इंटीग्रेशन और नए वेंचर्स को बढ़ाना, ये सब ग्रोथ के ड्राइवर होने के साथ-साथ एक्जीक्यूशन रिस्क भी लाते हैं। 38-44x का P/E रेश्यो बताता है कि मार्किट ने काफी ग्रोथ को पहले ही प्राइज कर लिया है, ऐसे में डेट मैनेजमेंट या ऑपरेशनल एफिशिएंसी में कोई चूक भारी पड़ सकती है। एनालिस्ट्स का कंसेंसस टारगेट प्राइस ₹124.57 भी मौजूदा ट्रेडिंग लेवल से कम है।
आगे का आउटलुक
आगे चलकर, एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि Motherson की ग्रोथ जारी रहेगी। पैसेंजर व्हीकल डिमांड में रिकवरी और इसके एयरोस्पेस और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस का विस्तार इसका सपोर्ट करेगा। ब्रोकरेज फर्म्स FY27 और FY28 में रेवेन्यू ग्रोथ 21% और 11% रहने का अनुमान लगा रही हैं। कंपनी अपनी स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट्स के प्रति प्रतिबद्ध है, जिसमें मोरक्को और पुणे में दो नई ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। ये कदम कंपनी को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स स्पेशलिस्ट के रूप में अपनी पोजीशन मजबूत करने में मदद करेंगे।