Milky Mist Dairy की शानदार लिस्टिंग! IPO प्राइस से 18% ऊपर खुला शेयर, लेकिन ये चिंताएं भी साथ

AUTO
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Milky Mist Dairy की शानदार लिस्टिंग! IPO प्राइस से 18% ऊपर खुला शेयर, लेकिन ये चिंताएं भी साथ

Milky Mist Dairy Food के शेयरों की आज यानी 18 अगस्त 2026 को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री हुई है। कंपनी के शेयर IPO प्राइस ₹140 के मुकाबले 18% की बढ़त के साथ ₹165 पर खुले। निवेशकों की जोरदार मांग के चलते कंपनी का मार्केट कैप ₹12,702.42 करोड़ तक पहुंच गया। जहां एक ओर कंपनी वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है, वहीं दूसरी ओर निवेशक इसके ऊंचे कर्ज के स्तर पर भी नजर रखे हुए हैं, जिसे IPO से मिले पैसों से चुकाने की योजना है।

Milky Mist Dairy की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री

Milky Mist Dairy Food के शेयरों ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को शेयर बाजार में सकारात्मक शुरुआत की है। कंपनी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) दोनों पर ₹165 के भाव पर खुले, जो इसके इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) प्राइस ₹140 से 18% ज्यादा था। यह लिस्टिंग प्राइमरी मार्केट में खासी सक्रियता के बाद हुई, जहां ₹1,553 करोड़ के इस इश्यू को निवेशकों ने 56.12 गुना सब्सक्राइब किया था।

वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस

कंपनी ने कमोडिटी जैसे लिक्विड मिल्क की बिक्री से हटकर पनीर, दही और योगर्ट जैसे अधिक वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करके बाजार का ध्यान खींचा है। इस रणनीति की बदौलत FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹3,138 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹127 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी फार्म-टू-रिटेल मॉडल का इस्तेमाल करती है, जिससे उसे क्वालिटी और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिलती है।

ऊंचे कर्ज का स्तर चिंता का विषय

हालांकि लिस्टिंग शानदार रही है, लेकिन कंपनी की फाइनेंशियल प्रोफाइल में कुछ ऐसे पहलू हैं जिन पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। FY26 के अंत तक, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 3.6x था। हाई डेट लेवल अक्सर फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी को कम करते हैं, जिसका मतलब है कि कंपनी को इंटरेस्ट पेमेंट्स को मैनेज करने के लिए लगातार कैश फ्लो जेनरेट करना होगा। इस बात को समझते हुए, Milky Mist ने फ्रेश इश्यू से मिले ₹496.86 करोड़ को कर्ज चुकाने के लिए अलग रखा है। यह कदम समय के साथ कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत कर सकता है।

भौगोलिक एकाग्रता का जोखिम

निवेशकों के लिए एक और महत्वपूर्ण बात कंपनी की भौगोलिक एकाग्रता है। वर्तमान में, कंपनी अपने कुल कच्चे दूध की खरीद का लगभग 95% तमिलनाडु से करती है। हालांकि यह उसके होम स्टेट में सप्लाई चेन को सुनिश्चित करता है, लेकिन एक ही क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता बिजनेस को स्थानीय सप्लाई में रुकावट, क्षेत्रीय मौसम की घटनाओं या स्थानीय नियामक परिवर्तनों जैसे जोखिमों के प्रति उजागर करती है। भविष्य में स्थिरता के लिए सोर्सिंग फुटप्रिंट का विस्तार करना एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

इंडस्ट्री में कड़ी प्रतिस्पर्धा

भारत में डेयरी इंडस्ट्री बहुत प्रतिस्पर्धी है। Milky Mist को Hatsun Agro Product, Dodla Dairy और Parag Milk Foods जैसे स्थापित प्लेयर्स से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। इस सेक्टर में सफलता कच्चे माल की अस्थिर लागतों के बावजूद प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने पर निर्भर करती है। इसके अतिरिक्त, कंपनी IPO फंड से ₹469.24 करोड़ का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए कर रही है, जिसमें व्ही प्रोटीन कॉन्सेंट्रेट और योगर्ट के लिए नए प्लांट लगाना शामिल है। यह देखना होगा कि ये निवेश कितनी जल्दी प्रोडक्शन बढ़ाते हैं और मार्केट शेयर हासिल करते हैं।

आगे क्या?

शेयरधारकों के लिए आगे की राह में कर्ज में कमी की गति, नई क्षमता का सफल डिप्लॉयमेंट और तमिलनाडु से परे दूध की खरीद को विविधतापूर्ण बनाने की कंपनी की क्षमता पर नजर रखी जाएगी। निवेशक कंपनी के तिमाही अपडेट्स पर गौर कर सकते हैं कि कर्ज का बोझ कम होने और नए प्रोडक्शन प्लांट चालू होने पर मार्जिन में सुधार होता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.