लग्जरी EV मार्केट में Mercedes का जलवा
Mercedes-Benz India अपने लग्जरी सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की बढ़ती मांग से खुश है। कंपनी के मुताबिक, उनके टॉप-एंड लग्जरी व्हीकल सेगमेंट में अब 20% गाड़ियां इलेक्ट्रिक हैं। यह आंकड़ा कंपनी की कुल भारतीय रेंज में EV की 8-9% पैठ से काफी बेहतर है। खासकर,locally assembled EQS sedan, EQS SUV, EQE, और EQB SUVs जैसे मॉडल इस ट्रेंड को लीड कर रहे हैं।
बढ़ती लागतें और कीमतों का टेंशन
यह सफलता तब आई है जब भारतीय लग्जरी कार मार्केट के 2026 तक करीब USD 4.99 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 10% से ज़्यादा रहने की उम्मीद है। हालाँकि, बढ़ती इनपुट कॉस्ट और विदेशी मुद्रा (forex) में लगातार उतार-चढ़ाव (खासकर यूरो के मुकाबले रुपये का कमजोर होना, जो ₹100 के पार बना हुआ है) ने Mercedes-Benz India को बड़ा झटका दिया है। इन वजहों से कंपनी 1 अप्रैल, 2026 से अपने सभी मॉडलों की कीमतों में लगभग 2% की बढ़ोतरी करने की तैयारी में है।
पेरेंट कंपनी पर भी दबाव
यह दबाव सिर्फ भारतीय यूनिट तक ही सीमित नहीं है। Mercedes-Benz Group AG के 2025 में रेवेन्यू में 9.2% की गिरावट आई है, जो €132.2 बिलियन रहा, वहीं एडजस्टेड EBIT 39.9% घटकर €8.2 बिलियन रह गया। इन आंकड़ों पर टैरिफ, करेंसी शिफ्ट और चीन जैसे बाजारों से प्रतिस्पर्धा का असर पड़ा है।
मार्केट की चाल और भविष्य की प्लानिंग
इस मूल्य वृद्धि के बावजूद, Mercedes-Benz India ने इस साल भारत में 11 नए मॉडल लॉन्च करने की योजना बनाई है। इसमें EV-फर्स्ट CLA सेडान भी शामिल है, जिसमें AI-संचालित फंक्शन्स के लिए नया Mercedes-Benz ऑपरेटिंग सिस्टम (MBOS) होगा। कंपनी का लक्ष्य अपनी प्रीमियम पोजिशन को बनाए रखना और नए अर्बन मार्केट्स तक पहुंचना है।
हालांकि, Audi India जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियां भी कीमतें बढ़ा रही हैं, जो ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक व्यापक चुनौती को दर्शाती है। भारतीय रुपये का लगातार कमजोर होना इंपोर्टेड पार्ट्स और पूरी गाड़ियों की लागत को सीधे तौर पर बढ़ाता है। यह लग्जरी कार खरीदारों के लिए सामर्थ्य (affordability) का सवाल खड़ा करता है और खरीद को टालने का कारण बन सकता है।
