Mercedes-Benz के CEO Ola Källenius ने भारत में नई कारों के आक्रामक लॉन्च की योजना का ऐलान किया है। कंपनी ने साल 2026 की पहली छमाही में शानदार सेल्स दर्ज की है, और अब वह भारत को अपने ग्लोबल प्रोडक्शन और R&D का मुख्य केंद्र बना रही है।
भारत बन रहा है ग्लोबल हब
66वें Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) कन्वेंशन के दौरान कंपनी ने अपनी लॉन्ग-टर्म रणनीति साफ कर दी है। Mercedes-Benz अब केवल कारों की असेंबली तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारत को टेक्नोलॉजी और प्रोडक्शन का बड़ा केंद्र बनाएगी। बेंगलुरु में स्थित कंपनी का रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर, जो जर्मनी के बाहर उनका सबसे बड़ा केंद्र है, अब ग्लोबल सॉफ्टवेयर और डिजाइन प्रोजेक्ट्स में अहम भूमिका निभा रहा है।
सेल्स के नए कीर्तिमान
कंपनी की ग्रोथ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2026 की पहली छमाही में Mercedes-Benz India ने 9,768 गाड़ियां बेचीं। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 9% ज्यादा है, जो भारत में लग्जरी कारों की मजबूत डिमांड को दर्शाता है।
मार्जिन पर दबाव और चुनौतियां
इतनी सफलता के बावजूद कंपनी के सामने कुछ बिजनेस चुनौतियां भी हैं। Euro-INR की अस्थिरता के कारण इंपोर्टेड पार्ट्स महंगे हो रहे हैं, जिसका सीधा असर कॉस्ट पर पड़ता है। इसके अलावा रॉ मटेरियल और लॉजिस्टिक्स की महंगाई ने भी मार्जिन को प्रभावित किया है। इन खर्चों को कवर करने के लिए कंपनी ने 2026 में कई बार प्राइस हाइक का सहारा लिया है।
आने वाले समय में कंपनी अपनी बैलेंस स्ट्रेटजी पर काम करेगी, जिसमें ICE, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का एक संतुलित मिक्स ऑफर किया जाएगा ताकि बदलती मार्केट डिमांड को पूरा किया जा सके।
