भारतीय बाजार में Mercedes-Benz का दबदबा बरकरार है। कंपनी ने साल **2026** के पहले **9** महीनों में **15,190** गाड़ियां बेचकर अपना अब तक का बेस्ट सेल्स रिकॉर्ड दर्ज किया है। पिछले साल के मुकाबले इसमें **8%** की शानदार बढ़ोतरी देखी गई है।
सेल्स की रफ्तार और सेगमेंट का दम
कंपनी ने अपनी सेल्स में यह उछाल मुख्य रूप से अपने प्रीमियम पोर्टफोलियो के दम पर हासिल किया है। तीसरी तिमाही की बात करें तो कंपनी ने 5,422 गाड़ियां डिलीवर कीं, जो पिछले साल के मुकाबले 6% ज्यादा हैं।
खास बात यह है कि कंपनी का 'टॉप-एंड लग्जरी' सेगमेंट, जिसमें Mercedes-Maybach, S-Class और AMG G 63 जैसी धाकड़ कारें शामिल हैं, अब कुल सेल्स का 25% से ज्यादा हिस्सा संभाल रहा है। इसमें सालाना 13% की ग्रोथ देखी गई है। वहीं, 'कोर लग्जरी' सेगमेंट, जिसमें E-Class, C-Class, GLC और GLE शामिल हैं, कुल बिक्री का लगभग 60% योगदान दे रहा है। ग्राहकों के बीच अपनी कार को कस्टमाइज करने का चलन भी तेजी से बढ़ा है, जिसके तहत 75% लग्जरी लेनदेन में इसे इस्तेमाल किया गया।
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का बढ़ता क्रेज
प्रीमियम सेगमेंट में सस्टेनेबल मोबिलिटी के प्रति रुझान साफ दिख रहा है। कंपनी के बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल (BEV) पोर्टफोलियो में 16% का इजाफा हुआ है। नए CLA BEV मॉडल को भी मार्केट में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है, जिसके लिए 1,000 से ज्यादा कन्फर्म ऑर्डर्स कंपनी के पास पेंडिंग हैं, जिनकी डिलीवरी 2027 की शुरुआत तक होने की उम्मीद है।
ग्लोबल चुनौतियां और रिस्क फैक्टर्स
जहाँ भारत में कंपनी की ग्रोथ कहानी मजबूत है, वहीं पेरेंट कंपनी Mercedes-Benz Group AG को ग्लोबल लेवल पर मार्जिन प्रेशर का सामना करना पड़ रहा है। चीन और यूरोप जैसे बाजारों में बढ़ती लागत और सप्लाई चेन की बाधाओं के कारण कंपनी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारत के नजरिए से देखें तो इम्पोर्ट ड्यूटी में बदलाव, रुपये की चाल और महंगाई जैसे बाहरी कारक लग्जरी कारों की डिमांड पर असर डाल सकते हैं। आगे चलकर GLC BEV और नई इलेक्ट्रिक S-Class का लॉन्च कंपनी के लिए अगला बड़ा माइलस्टोन साबित होगा।
