मुनाफे की राह पर 'वैल्यू ओवर वॉल्यूम'
Mercedes-Benz India अब बिक्री की मात्रा (Volume) से ज्यादा मुनाफा (Profit) और ब्रांड की प्रतिष्ठा पर जोर दे रही है। यह बदलाव खासकर टॉप-एंड लग्जरी सेगमेंट में साफ दिख रहा है, जो कंपनी की कुल बिक्री का 27% हिस्सा है और पिछले फाइनेंशियल ईयर में 16% बढ़ा है। इस सेगमेंट के मजबूत प्रदर्शन ने कंपनी के 'एक बेहतरीन फिस्कल पीरियड' में रेवेन्यू बढ़ाने में मदद की है, जो कंपनी की जानबूझकर ज्यादा मार्जिन वाली चीजों पर फोकस करने की रणनीति को दिखाता है। वहीं, कंपनी के एंट्री-लेवल सेगमेंट की डिमांड में थोड़ी नरमी आई है, जिसे कंपनी अपनी रणनीति का नतीजा मान रही है, न कि मार्केट में कमजोरी। पिछले फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (Q1) में कॉम्पिटीटर BMW ने कुछ समय के लिए Mercedes-Benz को पीछे छोड़ दिया था, जिसका मुख्य कारण BMW की मजबूत EV सेल्स थी। Mercedes-Benz अपनी पुरानी रणनीति पर भरोसा कर रही है कि वह रणनीतिक फोकस से मार्केट लीडरशिप हासिल कर सकती है, न कि प्राइस वॉर से।
EVs से लग्जरी सेगमेंट में पैठ
कंपनी की इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) रणनीति उसके टॉप-एंड मॉडलों से जुड़ी हुई है, जहाँ EVs कंपनी की सबसे महंगी बिक्री का 20% हिस्सा बन गई हैं। भारत में EV प्लेटफॉर्म के एक नए दौर में प्रवेश करते हुए, 24 अप्रैल 2026 को लॉन्च होने वाली CLA इलेक्ट्रिक सेडान एक अहम कदम है। Mercedes-Benz India, EVs के लिए आक्रामक प्राइस कॉम्पिटिशन से बचना चाहती है। इसी के चलते, CLA इलेक्ट्रिक की कीमत लगभग ₹60 लाख रखी गई है, जबकि मार्केट में एंट्री-लेवल EVs की कीमत ₹50 लाख से कम है। यूरोपियन प्राइस से कम रखी गई यह कीमत युवा, टेक-savvy खरीदारों को आकर्षित करने और उन्हें ब्रांड के लग्जरी ऑफरिंग्स से परिचित कराने का लक्ष्य रखती है। प्रीमियम EVs में यह तेजी ऐसे समय में आ रही है जब भारतीय EV मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, हालांकि लग्जरी सेगमेंट में अभी भी पारंपरिक पेट्रोल/डीजल (ICE) गाड़ियाँ हावी हैं।
'वैल्यू ओवर वॉल्यूम' का मतलब
Mercedes-Benz India के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ संतोष अय्यर ने कंपनी की 'वैल्यू ओवर वॉल्यूम' रणनीति की पुष्टि की है। इस अप्रोच का मतलब है कि कंपनी गहरे डिस्काउंट और फीचर्स में कटौती से बचेगी, जिससे ब्रांड अपील और लंबी अवधि की रीसेल वैल्यू को नुकसान पहुँच सकता है। कंपनी का डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर सेल्स मॉडल स्पष्ट और सुसंगत प्राइसिंग सुनिश्चित करता है, जो ब्रांड अपील की रक्षा करता है और मजबूत रीसेल वैल्यू प्रदान करता है। यह रणनीति पिछले अनुभवों पर आधारित है जहाँ कॉम्पिटीटर प्राइस वॉर्स ने मार्केट शेयर में उतार-चढ़ाव और ब्रांड को कमजोर किया था। Mercedes-Benz इसे प्रोडक्ट क्वालिटी और कस्टमर एक्सपीरियंस पर ध्यान केंद्रित करके रोकना चाहती है।
मार्केट का हाल और चुनौतियाँ
भारत का लग्जरी कार मार्केट, जिसका अनुमान 2025 में 1.14 बिलियन USD से 4.2 बिलियन USD के बीच है, कुल मिलाकर स्थिर ग्रोथ देख रहा है, और 2026 की पहली तिमाही (Q1) की बिक्री में साल-दर-साल ज्यादा बदलाव नहीं दिखा है। मार्केट में वर्तमान में मुख्य लाभ कॉम्पिटीटर्स के स्थान बदलने से आ रहा है, जैसे कि 2026 की पहली तिमाही (Q1) में BMW की बढ़त। हालांकि, भारत की मजबूत जीडीपी ग्रोथ (6-7%) और स्वस्थ कंज्यूमर स्पेंडिंग लग्जरी मार्केट के लिए एक ठोस आधार प्रदान करते हैं। दूसरी ओर, ऊँचे टैक्सेस, जहाँ लग्जरी कारों पर 60% से अधिक की ड्यूटी लगती है, व्यापक मार्केट एक्सेस में एक बड़ी बाधा बने हुए हैं। कोविड से पहले ₹57 लाख की औसत सेलिंग प्राइस अब बढ़कर ₹89 लाख हो गई है, जो कंपनी की ज्यादा प्रीमियम गाड़ियाँ बेचने की रणनीति की सफलता को दर्शाता है।
2026 का आउटलुक
Mercedes-Benz India को 2026 के लिए इंडस्ट्री और खुद के लिए सिंगल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है। यह अनुमान अल्ट्रा-लग्जरी और EV सेगमेंट में लगातार मजबूती, भारत की आर्थिक सेहत और बढ़ती कंज्यूमर एस्पिरेशंस पर आधारित है। प्लान किए गए 12 प्रोडक्ट लॉन्च, जिनमें कई EVs शामिल हैं, इस ग्रोथ को बढ़ाने और प्रीमियम कार मार्केट में ब्रांड की पोजीशन को मजबूत करने में मदद करेंगे।