मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने पहली छमाही में रिकॉर्ड **9,768** यूनिट की बिक्री दर्ज की है। बढ़ते खर्चों और करेंसी की अस्थिरता से निपटने के लिए, कंपनी जुलाई या अगस्त से अपने वाहनों की कीमतों में **1-2%** की बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है।
मर्सिडीज-बेंज की बढ़ी कीमतें!
मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने अपने ग्राहकों को एक बड़ा झटका दिया है। कंपनी जुलाई या अगस्त 2026 की शुरुआत से अपने वाहनों की कीमतों में 1% से 2% तक की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। इस फैसले के पीछे कंपनी ने करेंसी की घटती-बढ़ती कीमतों और इनपुट कॉस्ट (Input Cost) में आई तेजी को मुख्य वजह बताया है। हाल के दिनों में ऑटोमोबाइल सेक्टर में लागत बढ़ने का दबाव बढ़ा है, जिसका असर अब मर्सिडीज-बेंज के ग्राहकों पर भी पड़ेगा।
रिकॉर्ड तोड़ बिक्री और मार्केट स्ट्रैटेजी
कीमतें बढ़ाने के बावजूद, कंपनी का परफॉर्मेंस शानदार रहा है। मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने 2026 की पहली छमाही में खुदरा बिक्री के 9,768 यूनिट्स का रिकॉर्ड कायम किया है। इसके अलावा, कंपनी के पास लगभग 2,000 वाहनों का पेंडिंग ऑर्डर बुक (Pending Order Book) भी है, जो आने वाले समय की मांग को लेकर स्पष्टता देता है। कंपनी हाई-वैल्यू सेगमेंट पर फोकस कर रही है। ₹55 लाख से कम कीमत वाले एंट्री-लेवल सेगमेंट की हिस्सेदारी कुल बिक्री में सिर्फ 12-15% है। वहीं, ₹55 लाख से ₹1.4 करोड़ के बीच का कोर सेगमेंट कंपनी के बिजनेस का मुख्य आधार बना हुआ है, जो कुल वॉल्यूम का लगभग 60% है।
E25 फ्यूल और पुराने वाहनों पर चिंता
कीमतों में बढ़ोतरी के अलावा, मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने भारत में E25 पेट्रोल (जिसमें 25% इथेनॉल होता है) के बढ़ते उपयोग पर भी चिंता जताई है। कंपनी का कहना है कि उनके नए मॉडल तो इस फ्यूल के अनुकूल हैं, लेकिन सड़कों पर चल रहे पुराने वाहनों के लिए यह एक चुनौती हो सकती है। मर्सिडीज-बेंज ने सरकार से आग्रह किया है कि पुराने वाहनों के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाए। साथ ही, इथेनॉल-मिश्रित ईंधनों के लिए अलग-अलग ग्रेड या मूल्य निर्धारण की व्यवस्था पर विचार किया जाए, ताकि पुराने वाहनों के मालिकों को दिक्कत न हो।
टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक व्हीकल का भविष्य
मर्सिडीज-बेंज इंडिया डीजल, पेट्रोल, प्लग-इन हाइब्रिड और फुली इलेक्ट्रिक (EV) जैसे विभिन्न टेक्नोलॉजी वाले वाहनों का ऑप्शन ग्राहकों को दे रही है। कंपनी के टॉप-एंड पोर्टफोलियो में लगभग 25% इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं, जो लग्जरी खरीदारों के बीच इनकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। हालांकि, सरकारी प्रोत्साहन (Incentives) की कमी के कारण EV की बिक्री पर असर पड़ सकता है। अनुमान है कि 2026 में भारत का लग्जरी ऑटो सेक्टर लगभग 10% बढ़ सकता है, और कुल बाजार 57,000 यूनिट्स तक पहुंच सकता है।
