Mercedes-Benz India ने 2026 की पहली छमाही में रिकॉर्ड **9,768** यूनिट्स की बिक्री के साथ **9%** का सालाना ग्रोथ दर्ज किया है। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे टॉप-एंड लग्जरी कारों की डिमांड में **20%** की बढ़ोतरी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) की बढ़ती हिस्सेदारी रही। अब कंपनी के पार्टनर्स अगले दो साल में **₹450 करोड़** का रिटेल विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।
लग्जरी और इलेक्ट्रिक सेगमेंट में दमदार परफॉरमेंस
Mercedes-Benz India ने जून 2026 को समाप्त हुई अवधि के लिए अपने सबसे मजबूत पहले छमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने कुल 9,768 वाहन बेचे, जो 2025 की इसी अवधि में बेची गई 9,013 यूनिट्स की तुलना में 9% ज्यादा है। दूसरी तिमाही में भी कंपनी ने 10% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ हासिल की, जिसमें 4,637 यूनिट्स की बिक्री हुई। यह दिखाता है कि भारतीय यात्री वाहन बाजार के चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद लग्जरी सेगमेंट में ग्राहकों की रुचि बनी हुई है।
इस ग्रोथ का एक बड़ा कारण हाई-वैल्यू वाली गाड़ियों की बढ़ती मांग है। टॉप-एंड लग्जरी (TEL) सेगमेंट, जिसमें Maybach, AMG और S-Class जैसी गाड़ियाँ शामिल हैं, में साल की पहली छमाही में 20% से अधिक की वृद्धि देखी गई। अब यह सेगमेंट कंपनी की कुल बिक्री में 28% का योगदान देता है। खास तौर पर, AMG पोर्टफोलियो में 50% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो बताता है कि ग्राहक हाई-परफॉरमेंस और अल्ट्रा-लग्जरी मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर कंपनी का कदम भी तेजी से बढ़ रहा है। दूसरी तिमाही की बिक्री में बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (BEVs) का हिस्सा 14% रहा, जो पिछली अवधि की तुलना में दोगुना है। ₹1.4 करोड़ से ऊपर की कीमत वाली प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारों, जैसे EQS SUV और नई CLA BEV, की मांग दूसरी तिमाही में 85% बढ़ी है। इन मॉडलों की भारी मांग के कारण नई बुकिंग के लिए 5 से 6 महीने का वेटिंग पीरियड चल रहा है, जबकि AMG G 63 जैसे आइकोनिक मॉडल के लिए 1 साल तक का इंतजार करना पड़ सकता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश
इस ग्रोथ को बनाए रखने के लिए, Mercedes-Benz India के फ्रेंचाइजी पार्टनर्स ने अगले दो वर्षों में ₹450 करोड़ से अधिक के निवेश का वादा किया है। यह पूंजीगत व्यय 20 से अधिक नए लग्जरी आउटलेट खोलने में लगाया जाएगा। कंपनी वाराणसी जैसे नए बाजारों में प्रवेश करने की योजना बना रही है, साथ ही मुंबई, दिल्ली NCR, पुणे और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करेगी।
यह ग्रोथ ऑटोमोटिव सेक्टर के सामने आने वाली चुनौतियों के विपरीत है, जहां हाल ही में मांग में धीमी गति और डीलरों के पास ऊंचे इन्वेंट्री स्तर देखी गई है। Mercedes-Benz ने अपने प्रीमियम प्रोडक्ट मिक्स के दम पर अपनी रफ्तार बनाए रखी है। हालांकि, भविष्य में कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव या लग्जरी वाहनों पर टैक्सेशन में बदलाव जैसे संभावित जोखिमों से निपटना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा। आने वाली तिमाहियों में, कंपनी की रिटेल विस्तार योजनाओं का कार्यान्वयन और टॉप-एंड लग्जरी व इलेक्ट्रिक मॉडलों की मजबूत मांग को बनाए रखना मुख्य रूप से देखने योग्य होगा।
