Mercedes-Benz India ने 2026 की पहली छमाही में **9,768** लग्जरी गाड़ियां बेचकर शानदार ग्रोथ दर्ज की है। पिछले साल के मुकाबले यह **9%** ज़्यादा है। टॉप-एंड मॉडल्स की ज़बरदस्त मांग और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) को बढ़ती रफ्तार इस ग्रोथ की मुख्य वजह रही, हालांकि प्रीमियम SUVs पर लंबा वेटिंग पीरियड अभी भी एक चुनौती है।
Mercedes-Benz India का कमाल का प्रदर्शन
Mercedes-Benz India ने 2026 की पहली छमाही में अब तक की सबसे बेहतरीन बिक्री दर्ज की है। कंपनी ने कुल 9,768 यूनिट्स बेचे, जो 2025 की पहली छमाही की तुलना में 9% की बढ़ोतरी है। साल की दूसरी तिमाही में भी यह रफ्तार जारी रही, जहां कंपनी ने 4,637 यूनिट्स डिलीवर किए, जो 2025 की दूसरी तिमाही के 4,238 यूनिट्स से 10% ज़्यादा हैं।
प्रीमियम सेगमेंट और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की धूम
2026 में कंपनी के लिए सबसे खास रहा टॉप-एंड लग्जरी सेगमेंट का तेजी से बढ़ना। ₹1.4 करोड़ से ज़्यादा कीमत वाली गाड़ियों की इस कैटेगरी में साल की पहली छमाही में 20% से ज़्यादा की ग्रोथ देखने को मिली, जिसने कुल बिक्री में 28% का योगदान दिया। AMG G 63 जैसी हाई-एंड गाड़ियों की डिमांड इतनी ज़्यादा है कि ग्राहकों को 4 महीने से लेकर 1 साल तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं, कंपनी की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर शिफ्टिंग भी रंग ला रही है। 2026 की दूसरी तिमाही में 14% बिक्री इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रही, जिसमें नई CLA BEV मॉडल के लॉन्च ने अहम भूमिका निभाई। यह ट्रेंड कंपनी की लग्जरी लाइनअप में और ज़्यादा इलेक्ट्रिक ऑप्शन्स को शामिल करने की बड़ी स्ट्रैटेजी के साथ मेल खाता है।
कोर मॉडल्स और मार्केट में पकड़
कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ को C-Class और E-Class LWB सेडान, साथ ही GLC और GLE SUVs जैसे कोर प्रोडक्ट्स का सहारा मिल रहा है। इसके अलावा, CLA BEV और GLA SUV से चलने वाले एंट्री-लेवल लग्जरी सेगमेंट में दूसरी तिमाही में 29% की ग्रोथ दर्ज की गई।
हालांकि Mercedes-Benz भारतीय लग्जरी मार्केट में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है, लेकिन निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी ग्लोबल सप्लाई चेन की दिक्कतों और लग्जरी गाड़ियों पर टैक्सेशन में संभावित बदलावों से कैसे निपटती है। ये चीज़ें प्रीमियम मॉडल्स की कीमत पर असर डाल सकती हैं। इसके अलावा, टॉप-एंड मॉडल्स की डिमांड भले ही ज़्यादा हो, लेकिन इस ग्रोथ को बनाए रखना कंपनी की क्षमता पर निर्भर करेगा कि वह लंबे वेटिंग पीरियड को कैसे कम करती है, नहीं तो ग्राहक प्रतिस्पर्धियों की ओर जा सकते हैं।
शेयरधारकों और मार्केट एनालिस्ट्स के लिए अगला महत्वपूर्ण पहलू यह देखना होगा कि कंपनी अपने मार्जिन्स को कैसे बनाए रखती है, खासकर जब वह भारत में अपने EV इंफ्रास्ट्रक्चर और चार्जिंग नेटवर्क को बढ़ाने में निवेश कर रही है। यह बढ़ते हुए इलेक्ट्रिक मॉडल्स के लिए बेहद ज़रूरी है।
