Mercedes-Benz India: लग्जरी कार खरीदारों की चिंता दूर करने के लिए हाइब्रिड मॉडल पर बड़ा दांव

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AuthorNeha Patil|Published at:
Mercedes-Benz India: लग्जरी कार खरीदारों की चिंता दूर करने के लिए हाइब्रिड मॉडल पर बड़ा दांव

Mercedes-Benz India अब हाइब्रिड गाड़ियों पर फोकस बढ़ा रही है। Maybach S 580e जैसे प्लग-इन हाइब्रिड मॉडल के जरिए कंपनी ग्राहकों की चार्जिंग संबंधी चिंताओं को दूर करना चाहती है। कंपनी ने साल 2026 के पहले नौ महीनों में **8%** की ग्रोथ के साथ **15,190** गाड़ियां बेची हैं।

भारत के लग्जरी कार बाजार में Mercedes-Benz India एक नई रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। कंपनी अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों (BEVs) के साथ-साथ प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (PHEVs) पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। हकीकत यह है कि हाई-एंड ग्राहकों के बीच चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और लंबी दूरी के सफर को लेकर अब भी 'रेंज एंग्जायटी' बनी हुई है।

नई हाइब्रिड गाड़ियों की रेंज

इस चुनौती को हल करने के लिए कंपनी ने हाल ही में अपने पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। इसमें ₹3.35 करोड़ की कीमत वाली Maybach S 580e और जुलाई 2026 में लॉन्च हुई ₹1.45 करोड़ की AMG E 53 Hybrid शामिल हैं। हाइब्रिड गाड़ियों का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ग्राहक शहर के भीतर इलेक्ट्रिक मोड का आनंद ले सकते हैं, जबकि लंबी यात्रा के लिए पेट्रोल इंजन का विकल्प मौजूद रहता है।

सेल्स के आंकड़े और फाइनेंशियल परफॉरमेंस

कंपनी ने 2026 के पहले नौ महीनों (जनवरी-सितंबर) में 15,190 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, जो पिछले साल के मुकाबले 8% अधिक है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी का प्योर इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो भी 16% बढ़ा है और कुल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी 8-9% तक पहुंच गई है। ध्यान रहे कि Mercedes-Benz India एक प्राइवेट अनलिस्टेड कंपनी है, इसलिए यह NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है।

चुनौतियां और जोखिम

कंपनी की यह हाइब्रिड रणनीति पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं है। कई लग्जरी मॉडल पूरी तरह बनकर आयात (CBU) किए जाते हैं, जिससे वे इंपोर्ट ड्यूटी और करेंसी में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं। इसके अलावा, हाइब्रिड तकनीक के कारण गाड़ियों की कीमत में 5-6% का प्रीमियम भी जुड़ जाता है, जिसे ग्राहकों तक सही तरीके से समझाना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती है।

सप्लाई चेन की बाधाएं भी एक चिंता का विषय बनी हुई हैं, जिससे नए इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मॉडलों की सप्लाई पर असर पड़ता है। अब देखना होगा कि क्या यह 'हाइब्रिड पिवट' कंपनी को लग्जरी सेगमेंट में अपनी पकड़ बनाए रखने में मदद करता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.