Mercedes-Benz India: लग्जरी कारों की जबरदस्त डिमांड, लेकिन EV सप्लाई की कमी से अटकी रफ्तार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Mercedes-Benz India: लग्जरी कारों की जबरदस्त डिमांड, लेकिन EV सप्लाई की कमी से अटकी रफ्तार

Mercedes-Benz India की बिक्री में **8%** का इजाफा हुआ है और कंपनी ने सितंबर 2026 तक **15,190** गाड़ियां बेची हैं। हालांकि, सप्लाई चेन की दिक्कतों के कारण **1,000** से ज्यादा ग्राहक वेटिंग लिस्ट में हैं।

भारत में लग्जरी कारों का क्रेज कम होने का नाम नहीं ले रहा है। Mercedes-Benz India ने साल 2026 के पहले नौ महीनों में 15,190 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, जो पिछले साल के मुकाबले 8% ज्यादा है। अगर सप्लाई चेन की बाधाएं न होतीं, तो यह आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता था।

इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) का पेंच

कंपनी की इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सेल्स में 16% की ग्रोथ देखी गई है, लेकिन मैनेजमेंट का मानना है कि अगर स्टॉक की कमी न होती, तो यह पेनिट्रेशन 7% से 8% और ज्यादा हो सकता था। वर्तमान में CLA EV और EQS SUV जैसे प्रीमियम मॉडल्स के लिए 1,000 से ज्यादा ग्राहकों को लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी डिलीवरी 2027 की शुरुआत तक जा सकती है।

ग्लोबल संकट और सप्लाई का गणित

सप्लाई में आई इस कमी के पीछे मुख्य वजह ग्लोबल डिमांड है। यूरोप में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की भारी मांग के कारण भारत के लिए आवंटित प्रोडक्शन कैपेसिटी प्रभावित हुई है। इसके अलावा, ऊंचे लॉजिस्टिक्स कॉस्ट और मार्जिन पर दबाव जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं।

डीजल पोर्टफोलियो बना सहारा

कंपनी ने अपनी सेल्स को बैलेंस करने के लिए पारंपरिक इंजन पोर्टफोलियो पर भी दांव लगाया है। डीजल कारों की बिक्री का हिस्सा पहले के 38% से बढ़कर अब 40% हो गया है।

आगे का रोडमैप

कंपनी अब अपने बैकक्लियरेंस को खत्म करने पर ध्यान दे रही है। नवंबर में होने वाला GLC BEV का लॉन्च काफी अहम है। कंपनी का लक्ष्य अगले साल तक अपनी कुल बिक्री में 20-25% हिस्सा इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का रखने का है। अब देखना यह होगा कि कंपनी इन ग्लोबल सप्लाई बाधाओं को कितनी जल्दी पार कर पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.