Mercedes-Benz ने भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए **₹200 करोड़** का अतिरिक्त निवेश किया है। कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक GLC 400 4MATIC जैसे मॉडल्स का प्रोडक्शन बढ़ाएगी, जबकि ग्लोबल लेवल पर कंपनी चीन के मार्केट में भारी दबाव झेल रही है।
भारत में बड़ा विस्तार
Mercedes-Benz Group AG ने भारत में अपने ऑपरेशंस के लिए ₹200 करोड़ के अतिरिक्त निवेश का ऐलान किया है, जिससे कंपनी का कुल लोकल कैपिटल इन्वेस्टमेंट ₹3,200 करोड़ तक पहुंच गया है। यह फंड मुख्य रूप से पुणे के चाकन स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में लग्जरी वाहनों और खास तौर पर इलेक्ट्रिक GLC 400 4MATIC के प्रोडक्शन को बढ़ाने में इस्तेमाल किया जाएगा।
भारत क्यों है अहम?
कंपनी अब भारत को केवल एक असेंबली हब नहीं, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनाना चाहती है। Mercedes-Benz Research and Development India (MBRDI) के जरिए कंपनी अपने इंटरनेशनल नेटवर्क के लिए सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स के विकास पर भी काम कर रही है। भारत में डिमांड भी कंपनी के पक्ष में है; साल 2026 के पहले नौ महीनों में कंपनी ने 15,190 यूनिट्स बेची हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 8% अधिक है।
ग्लोबल मार्केट की चुनौतियां
भारत में ग्रोथ के बावजूद, ग्लोबल लेवल पर पैरेंट कंपनी मुश्किलों में है। Q3 2026 में कंपनी का EBIT €1.8 बिलियन रहा, लेकिन कार डिवीजन का एडजस्टेड रिटर्न ऑन सेल्स गिरकर 2.5% पर आ गया है। चीन के बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा और कमजोर मांग ने कंपनी के मार्जिन पर गहरा असर डाला है, जिसके चलते उन्हें अपनी फाइनेंशियल गाइडेंस में भी बदलाव करना पड़ा है।
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी अपनी ग्लोबल लागत और घटते मार्जिन के दबाव के बीच भारत में अपनी विस्तार योजनाओं को इसी तरह रफ्तार दे पाएगी या नहीं।
