साल 2026 की पहली छमाही यानी H1 में Mercedes-Benz और BMW India ने अब तक की सबसे ज़्यादा बिक्री का रिकॉर्ड बनाया है। लग्जरी SUV और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की ज़बरदस्त डिमांड ने इस ग्रोथ को रफ्तार दी है। Mercedes ने जहां **9,768** यूनिट्स बेचीं, वहीं BMW ने **9,075** गाड़ियां बेचीं।
लग्जरी ऑटो सेक्टर में नया मुकाम
साल 2026 की पहली छमाही में भारतीय लग्जरी कार बाजार ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। Mercedes-Benz और BMW Group India, दोनों ने ही बिक्री के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह शानदार प्रदर्शन दिखाता है कि लोगों के बीच हाई-एंड गाड़ियों की चाहत बढ़ रही है, और इस ट्रेंड में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) अहम भूमिका निभा रहे हैं। दोनों कंपनियों की ग्रोथ स्ट्रेटेजी में EV का बड़ा योगदान रहा है।
EV का जलवा और सेल्स का आंकड़ा
Mercedes-Benz ने जनवरी से जून 2026 के बीच 9,768 गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल की तुलना में 9% ज़्यादा है। इस तिमाही में, कंपनी की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का योगदान 14% रहा। CLA BEV और EQS SUV जैसे मॉडल्स की खूब डिमांड रही। कंपनी के सबसे प्रीमियम सेगमेंट (Maybach और AMG सीरीज) में भी अब बैटरी-इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की हिस्सेदारी एक-चौथाई हो गई है।
वहीं, BMW Group India (जिसमें BMW और MINI ब्रांड्स शामिल हैं) ने 17% की तेज ग्रोथ दर्ज करते हुए 9,075 यूनिट्स बेचीं। इस ग्रोथ का बड़ा कारण कंपनी का इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो रहा, जिसकी बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 78% का भारी उछाल देखा गया। अब BMW की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक मॉडल्स की हिस्सेदारी 26% है। कंपनी का कहना है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए ऑर्डर बुक 30% तक पहुंचने की उम्मीद है, जिससे यह साफ है कि ग्राहकों की रेंज की चिंताएं धीरे-धीरे कम हो रही हैं और देश भर में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी बेहतर हो रहा है।
अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट पर खास फोकस
इलेक्ट्रिफिकेशन के अलावा, अल्ट्रा-लग्जरी और परफॉरमेंस सेगमेंट भी कमाई के अहम जरिया बन गए हैं। Mercedes-Benz ने बताया कि उसके टॉप-टियर लाइनअप, जिसमें S-Class और AMG रेंज शामिल हैं, की बिक्री में 20% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है। खास तौर पर AMG सीरीज की बिक्री में 50% का बड़ा उछाल दर्ज किया गया। यह दिखाता है कि भारतीय खरीदार इलेक्ट्रिक ऑप्शंस के साथ-साथ हाई-परफॉरमेंस वाली पेट्रोल/डीजल गाड़ियों को भी पसंद कर रहे हैं।
बाजार का रुख और भविष्य का अनुमान
निवेशकों के लिए यह बदलाव एक बड़ा संकेत है कि लग्जरी कार निर्माता अब ऐसे प्रोडक्ट मिक्स की ओर बढ़ रहे हैं जो पारंपरिक शान-शौकत के साथ-साथ आधुनिक इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी को भी संतुलित करता है। अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट में हाई मार्जिन बनाए रखना और साथ ही किफायती या मिड-रेंज EV की बिक्री बढ़ाना, इस सेक्टर में बिज़नेस की सेहत के लिए महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, इस सेक्टर का प्रदर्शन ग्लोबल सप्लाई चेन की स्थिरता और EV सब्सिडी व लग्जरी पार्ट्स पर इम्पोर्ट ड्यूटी जैसी सरकारी नीतियों में संभावित बदलावों पर निर्भर करेगा। भविष्य में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की रफ़्तार और लग्जरी सेगमेंट में बिक्री की यह तेजी मैक्रोइकॉनॉमिक दबावों के बावजूद जारी रहती है या नहीं, यह देखना अहम होगा।
