Maruti Suzuki News: केरल मार्केट के लिए बड़ा दांव, रेल लॉजिस्टिक्स के जरिए गाड़ियों की डिलीवरी का सफल ट्रायल

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Maruti Suzuki News: केरल मार्केट के लिए बड़ा दांव, रेल लॉजिस्टिक्स के जरिए गाड़ियों की डिलीवरी का सफल ट्रायल

Maruti Suzuki ने अपनी सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने कोच्चि के वल्लारपदम टर्मिनल पर **119** गाड़ियों की पहली रेल खेप सफलतापूर्व पहुंचाई है। कंपनी का लक्ष्य **2030** तक **35%** गाड़ियों को रेल मार्ग से भेजने का है।

लॉजिस्टिक्स में नया बदलाव

Maruti Suzuki अपनी गुजरात स्थित मैन्युफैक्चरिंग हब से दक्षिण भारत के बाजारों तक गाड़ियों को तेजी से पहुंचाने के लिए अब सड़क मार्ग के बजाय रेलवे पर ज्यादा भरोसा जता रही है। कोच्चि के इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल पर किया गया यह सफल परीक्षण कंपनी की इसी नई रणनीति का हिस्सा है।

भविष्य की बड़ी योजनाएं

कंपनी ने अब तक इंडियन रेलवे के जरिए 30 लाख से ज्यादा गाड़ियों की डिलीवरी का बड़ा आंकड़ा पार कर लिया है। वहीं, इन-प्लांट रेलवे साइडिंग से 10 लाख से अधिक यूनिट्स भेजी जा चुकी हैं। कंपनी की मंशा 2030-31 फाइनेंशियल ईयर तक रेल-आधारित डिस्पैच को 35% तक ले जाने की है।

कोचीन पोर्ट के लिए मौका

कोचीन पोर्ट अथॉरिटी के लिए ऑटोमोटिव फ्रेट को अपने पोर्ट के जरिए भेजना एक बड़ी उपलब्धि हो सकती है, क्योंकि वल्लारपदम टर्मिनल लंबे समय से कम उपयोग की समस्या से जूझ रहा है। पोर्ट प्रशासन ने कंपनी से अब औपचारिक प्रस्ताव की मांग की है ताकि एक नियमित शेड्यूल तैयार किया जा सके।

चुनौतियां और मुनाफा

हालांकि ट्रायल सफल रहा है, लेकिन केरल में रेल लॉजिस्टिक्स के लिए 'रिटर्न कार्गो' की कमी एक बड़ी चुनौती है। जब तक लौटने वाली ट्रेन खाली रहेगी, ऑपरेटरों के लिए इसे किफायती बनाए रखना मुश्किल होगा। इसके अलावा, कंपनी सितंबर 2026 में 24.4% की शानदार सालाना सेल्स ग्रोथ (2.36 लाख यूनिट्स) दर्ज करने के बावजूद कमोडिटी की कीमतों और इनपुट कॉस्ट के दबाव का सामना कर रही है, जिससे मार्जिन पर असर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.