Maruti Suzuki के शेयर 1 सितंबर को करीब **4%** लुढ़क गए। कंपनी ने अगस्त में **219,220** यूनिट्स बेचीं, जो बाजार के अनुमानों से काफी कम रही। सालाना आधार पर भले ही कंपनी ने **21%** की ग्रोथ दिखाई हो, लेकिन मंथ-ऑन-मंथ (MoM) गिरावट और प्रतिस्पर्धियों के बेहतर प्रदर्शन ने निवेशकों का मूड बिगाड़ दिया है।
बाजार की उम्मीदों पर फिरा पानी
Maruti Suzuki India Ltd के शेयरों में 1 सितंबर 2026 को तेज गिरावट देखने को मिली। कंपनी की ओर से जारी अगस्त 2026 के सेल्स आंकड़ों ने निवेशकों को मायूस किया। हालांकि कंपनी ने सालाना आधार पर 21.3% की बढ़त दर्ज की, लेकिन मार्केट के एक्सपर्ट्स को 240,000 से 245,000 यूनिट्स की बिक्री की उम्मीद थी, जिसे कंपनी पूरा नहीं कर सकी।
क्यों घबराए निवेशक?
इन्वेस्टर्स केवल कम बिक्री से परेशान नहीं हैं, बल्कि सेल्स में आई सीक्वेंशियल (sequential) गिरावट ने भी चिंता बढ़ा दी है। जुलाई के मुकाबले अगस्त में बिक्री का आंकड़ा गिरना मार्केट सेंटीमेंट के लिए निगेटिव रहा। राहत की बात यह है कि कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के पहले पांच महीनों में 10 लाख यूनिट्स की कुल बिक्री का माइलस्टोन पार कर लिया है।
कॉम्पिटिशन का दबाव
इस समय ऑटो सेक्टर में कॉम्पिटिशन काफी कड़ा हो गया है। जहां एक ओर Maruti Suzuki सुस्त दिखी, वहीं Mahindra & Mahindra और Bajaj Auto का प्रदर्शन शानदार रहा। M&M की कुल सेल्स में 42% का उछाल आया, जिसमें घरेलू SUV बिक्री 50% बढ़ी है। वहीं Bajaj Auto की सेल्स में 28% की ग्रोथ देखी गई है, जिसका सीधा असर Nifty Auto इंडेक्स में शेयरों की री-रेटिंग पर पड़ रहा है।
आगे की राह
अब निवेशकों की नजरें फेस्टिव सीजन पर टिकी हैं। क्या मारुति इस त्योहारी सीजन में अपनी वॉल्यूम ग्रोथ और मार्केट शेयर को वापस पटरी पर ला पाएगी? ब्रोकरेज हाउसेस ने फिलहाल स्टॉक पर न्यूट्रल रुख अपनाया है, क्योंकि पैसेंजर व्हीकल इंडस्ट्री में मार्जिन का दबाव अभी भी बरकरार है। इसके अलावा, पिछले दो सालों में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की घटती हिस्सेदारी भी लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए एक सावधानी का संकेत है।
