भारत में अब इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और CNG जैसी क्लीनर गाड़ियों का दबदबा बढ़ रहा है। देश की कुल ऑटो सेल्स में इनकी हिस्सेदारी पिछले साल के **27%** से बढ़कर **32%** हो गई है। हालांकि, सेल्स में यह उछाल आने के बावजूद Maruti Suzuki को बढ़ती लागत और SUV सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते मुनाफे के मोर्चे पर संघर्ष करना पड़ रहा है।
मुनाफे में गिरावट की वजह
66वीं SIAM एनुअल कन्वेंशन में Maruti Suzuki के MD और CEO हिसाशी टेकुची ने बताया कि कंपनी अब क्लीनर फ्यूल वाली गाड़ियों पर पूरा जोर दे रही है। हालांकि, कंपनी का हालिया फाइनेंशियल रिजल्ट एक अलग कहानी कहता है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 10.8% घटकर ₹3,352 करोड़ रह गया। इसका मुख्य कारण कच्चे माल (Raw material) की लागत में 46% का भारी इजाफा है, जिसने ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन को 8.2% पर ला खड़ा किया है।
मार्केट शेयर और चुनौतियां
कंपनी ने भारतीय बाजार में 41.2% का मजबूत दबदबा बनाए रखा है। GST दरों में बदलाव से एंट्री-लेवल गाड़ियों की बिक्री में 30% का उछाल आया है, जो कंपनी के वॉल्यूम के लिए अच्छा है। लेकिन निवेशकों की नजरें अब SUV सेगमेंट पर टिकी हैं। यहाँ बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी को अपने नए मॉडल्स से मार्केट शेयर बचाने की बड़ी चुनौती है।
भविष्य की रणनीति
लंबी अवधि के लिए Maruti Suzuki अब Compressed Biogas (CBG) पर काम कर रही है, जो कृषि कचरे से तैयार की जाएगी। अच्छी बात यह है कि कंपनी Net-Debt Free है, यानी उस पर कोई कर्ज नहीं है, जो उसे आने वाले समय में नई टेक्नोलॉजी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स में निवेश करने की ताकत देता है।
