Maruti Suzuki ने अक्टूबर 2026 में **2,76,120** यूनिट्स बेचकर अब तक का अपना सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड बना लिया है, जो पिछले साल के मुकाबले **25%** ज्यादा है। हालांकि, फेस्टिव डिमांड के बावजूद निवेशक कंपनी के **27%** गिरे हुए नेट प्रॉफिट और बढ़ती लागत को लेकर चिंतित हैं।
सेल्स की रफ्तार और सेगमेंट का हाल
त्योहारी सीजन की चमक Maruti Suzuki के आंकड़ों में साफ झलक रही है। कंपनी ने कुल 2,76,120 यूनिट्स की बिक्री की है, जो पिछले साल के 2,20,894 यूनिट्स से काफी बेहतर है। डोमेस्टिक सेल्स में 19.3% की बढ़त के साथ 2,26,248 गाड़ियां बिकीं, जिसमें पैसेंजर कारों और यूटिलिटी व्हीकल्स की डिमांड सबसे ज्यादा रही।
खास बात यह है कि कंपनी के एक्सपोर्ट्स में 59.3% का बड़ा उछाल आया है, और आंकड़ा 49,872 यूनिट्स तक पहुंच गया है। इससे संकेत मिलता है कि Maruti अब ग्लोबल बाजारों में अपनी पकड़ मजबूती से बना रही है।
प्रॉफिट और मार्जिन की चुनौती
बिक्री के रिकॉर्ड के बावजूद, फाइनेंशियल रिपोर्ट निवेशकों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 27% नीचे लुढ़क गया है। इसकी मुख्य वजह स्टील और कॉपर जैसे रॉ मटेरियल की बढ़ती कीमतें और खराब प्रोडक्ट मिक्स हैं, जो सीधे तौर पर कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल रहे हैं।
आगे क्या होगा?
मार्जिन को बचाने के लिए कंपनी जल्द ही अपनी गाड़ियों की कीमतों में और बढ़ोतरी कर सकती है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि बार-बार दाम बढ़ाने से एंट्री-लेवल सेगमेंट में डिमांड कम होने का खतरा भी बना हुआ है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या फेस्टिव सीजन के बाद भी यह सेल्स मोमेंटम बरकरार रह पाएगा और कंपनी लागत के बढ़ते दबाव को बिना वॉल्यूम घटाए कैसे मैनेज करती है।
