Maruti Suzuki Share: रेवेन्यू रिकॉर्ड, पर प्रोडक्शन की कमी से गिरा मुनाफा, ₹3,659 करोड़ रहा नेट प्रॉफिट

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Maruti Suzuki Share: रेवेन्यू रिकॉर्ड, पर प्रोडक्शन की कमी से गिरा मुनाफा, ₹3,659 करोड़ रहा नेट प्रॉफिट
Overview

Maruti Suzuki India के निवेशकों के लिए मिले-जुले संकेत हैं। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में जबरदस्त **28%** की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जो बढ़कर **₹52,462 करोड़** हो गया। हालांकि, प्रोडक्शन कैपेसिटी की भारी कमी के चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **6.4%** गिरकर **₹3,659 करोड़** रहा। कंपनी के पास ग्राहकों के लगभग **190,000** ऑर्डर पेंडिंग हैं, जो मांग को पूरा करने में आ रही मुश्किलों को साफ दिखाता है।

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प्रोडक्शन की मार: रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफा क्यों गिरा?

Maruti Suzuki India Limited ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने 28% की जोरदार रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की, जो बढ़कर ₹52,462 करोड़ पर पहुंच गया। लेकिन, प्रोडक्शन कैपेसिटी पर लगी सीमाएं कंपनी के मुनाफे पर भारी पड़ीं। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 6.4% घटकर ₹3,659 करोड़ रह गया। कंपनी के मुताबिक, साल के अंत तक ग्राहकों के करीब 190,000 ऑर्डर बैकलॉग में थे, जिनमें 130,000 छोटी कारों के थे जिन पर 18% GST लागू है। डीलरों के पास भी केवल 12 दिनों का स्टॉक बचा था, जो बताती है कि बाजार की मांग और सप्लाई के बीच कितनी बड़ी खाई है।

रिकॉर्ड बिक्री, पर चिंताओं के बादल

इन बाधाओं के बावजूद, ऑटोमेकर ने 676,209 यूनिट्स की अब तक की सबसे बड़ी तिमाही बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की Q4 FY25 की तुलना में 11.8% अधिक है। घरेलू बिक्री 538,994 यूनिट्स रही, जबकि एक्सपोर्ट्स ने 137,215 यूनिट्स के साथ ऑल-टाइम हाई बनाया। पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 में, कुल बिक्री 2,422,713 यूनिट्स के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची, और नेट सेल्स 20.2% बढ़कर ₹1,74,369 करोड़ हो गई। कंपनी के बोर्ड ने ₹140 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है।

कॉम्पिटिशन और बदलते ट्रेंड्स

Maruti Suzuki का स्टॉक फिलहाल 25.9x से 28.3x के प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है, जो बाजार में इसकी मजबूती को दर्शाता है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹4.13 ट्रिलियन है। हालांकि, 28 अप्रैल 2026 को ₹13,000-₹13,300 के आसपास रहा शेयर प्राइस, 2026 की शुरुआत के अपने उच्चतम स्तर से लगभग 25% गिर चुका है। वहीं, Tata Motors (P/E ~20.6x, मार्केट कैप ~₹1.48 ट्रिलियन) और Mahindra & Mahindra (P/E ~21.75x, मार्केट कैप ~₹3.46 ट्रिलियन) जैसी प्रतिद्वंद्वी कंपनियां अलग वित्तीय प्रोफाइल दिखाती हैं। भारतीय पैसेंजर कार मार्केट में 13.1% की ग्रोथ देखी गई है, जिसमें SUVs का ट्रेंड मजबूत है। FY26 में Maruti की डोमेस्टिक मार्केट शेयर 40% से नीचे चला गया, क्योंकि प्रतिद्वंद्वी SUVs पर फोकस बढ़ा रहे हैं, जबकि Maruti एंट्री-लेवल कारों पर ज्यादा केंद्रित रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों ने सप्लाई चेन को बाधित किया है, जिससे फ्रेट और इनपुट लागत बढ़ रही है। S&P Global Mobility ने इन भू-राजनीतिक तनावों के कारण 2026 में भारत के लाइट व्हीकल प्रोडक्शन के ग्रोथ अनुमान को घटाकर 6.3% कर दिया है।

प्रोडक्शन की दिक्कतें और भविष्य की राह

लगातार बनी हुई प्रोडक्शन की बाधाएं Maruti Suzuki के मार्केट लीडरशिप के लिए बड़ा जोखिम पेश कर रही हैं। 190,000 से ज्यादा पेंडिंग ऑर्डर्स और बेहद कम डीलर स्टॉक के साथ, कंपनी ग्राहकों को प्रतिद्वंद्वियों के पास खो सकती है, खासकर बढ़ते SUV सेगमेंट में जहां Maruti, Hyundai और Tata Motors की तुलना में कमज़ोर है। Jefferies और Nomura जैसे एनालिस्ट्स की चिंताएं Maruti की डोमेस्टिक मार्केट शेयर और मार्जिन को महत्वपूर्ण रूप से सुधारने की क्षमता को लेकर हैं। हालिया टेक्निकल एनालिसिस एक बियरिश ट्रेंड दिखा रहा है; MarketsMojo ने 22 अप्रैल 2026 को Maruti Suzuki की रेटिंग को 'Hold' से घटाकर 'Sell' कर दिया है। कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाने पर काम कर रही है, जिसमें 2026 में नई क्षमता जोड़ना और बैकलॉग को क्लियर करने के लिए रविवार और छुट्टियों पर भी प्लांट चलाना शामिल है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगले 12 महीनों में शेयर प्राइस ₹13,000 से ₹14,500 के बीच रह सकता है, जिसमें UBS ने ₹16,920 और Jefferies ने ₹16,000 का टारगेट दिया है। हालांकि, अगर मैक्रो इकोनॉमिक दबाव बना रहता है और अर्निंग अनुमान पूरे नहीं होते हैं, तो शेयर ₹10,000 तक भी गिर सकता है। भविष्य में ग्रोथ के मुख्य इंजन में SUV रेंज में सुधार, CNG व्हीकल में लीडरशिप और FY27 में इलेक्ट्रिक SUV लॉन्च करना शामिल है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.