Maruti Suzuki ने दूसरी तिमाही के नतीजों में अपनी अब तक की सबसे ज्यादा सेल दर्ज की है, लेकिन कंपनी का नेट प्रॉफिट **26.4%** गिरकर **₹2,466.1 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी ने इस बार 6,96,654 गाड़ियों की अब तक की सबसे बड़ी सेल दर्ज की है, जो पिछले साल के मुकाबले 26.5% ज्यादा है। लेकिन, भारी भरकम बिक्री के बावजूद मुनाफे में गिरावट की बड़ी वजह बढ़ती हुई कमोडिटी कॉस्ट (Commodity Cost) है। वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के चलते सप्लाई चेन पर असर पड़ा है, जिससे स्टील और एल्युमीनियम जैसे कच्चे माल महंगे हो गए हैं। इसके अलावा, कंपनी को अपने फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट्स पर 'मार्क-टू-मार्केट' नुकसान भी झेलना पड़ा है।
SUV सेगमेंट में दबदबा
मुनाफे की चिंता के बीच एक राहत की बात यह है कि कंपनी का मार्केट शेयर बढ़कर 40.8% हो गया है। इसमें 2.2% का बड़ा सुधार देखने को मिला है। खास बात यह है कि SUV सेगमेंट की सेल 68.2% और छोटी कारों की सेल 35.9% के उछाल के साथ बढ़ी है, जो भारतीय बाजार में बदलती पसंद को दिखाती है।
ऑर्डर बुक और आगे की राह
फिलहाल कंपनी के पास करीब 2 लाख गाड़ियों की पेंडिंग बुकिंग है, जिससे साफ है कि मांग अभी भी जबरदस्त है। कंपनी 17 दिन की बहुत ही कम इन्वेंट्री के साथ काम कर रही है, जो मजबूत डिमांड की ओर इशारा करती है। हालांकि, जून तिमाही के मुकाबले ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 10.8% का सुधार जरूर दिखा है, लेकिन निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि कंपनी कच्चे माल की बढ़ती लागत को ग्राहकों पर कितना डाल पाती है और भविष्य के मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती है।
