Maruti Suzuki ने फिस्कल ईयर 2031 तक के लिए **₹77,500 करोड़** के बड़े इन्वेस्टमेंट प्लान का ऐलान किया है। कंपनी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाने और R&D पर फोकस करेगी, साथ ही अगले दो सालों के लिए शॉर्ट-टर्म निवेश को बढ़ाकर **₹14,000 करोड़** कर दिया है।
भारी निवेश का रोडमैप
कंपनी के MD और CEO, Hisashi Takeuchi ने 45वीं एनुअल जनरल मीटिंग में इस बड़े निवेश का खाका पेश किया है। इस मास्टर प्लान का मुख्य मकसद मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और नई गाड़ियों के लॉन्च को रफ्तार देना है। कंपनी का लक्ष्य 2031 तक सालाना 40 लाख यूनिट्स का प्रोडक्शन हासिल करना है।
शॉर्ट-टर्म में बढ़ी रफ़्तार
कंपनी ने फिस्कल ईयर 2026 और 2027 के लिए अपने निवेश को 40% बढ़ा दिया है। पिछले इन्वेस्टमेंट साइकिल में कंपनी ने ₹10,000 करोड़ खर्च किए थे, जिसे अब बढ़ाकर ₹14,000 करोड़ कर दिया गया है। इन पैसों का इस्तेमाल रिटेल नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने में किया जाएगा।
ग्रीन एनर्जी और ई20 फ्यूल
Maruti Suzuki अब सस्टेनेबिलिटी पर भी दांव लगा रही है। कंपनी अपनी सोलर पावर कैपेसिटी को 79.1 MW से बढ़ाकर 211.3 MW करने वाली है, ताकि 35% बिजली की जरूरतें रिन्यूएबल सोर्सेज से पूरी हो सकें। इसके अलावा, 2008 के बाद बनी सभी गाड़ियां अब E20 फ्यूल (एथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल) के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
चुनौतियां और मार्केट का रिस्क
भले ही कंपनी बड़े सपने देख रही है, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। SUV सेगमेंट में बढ़ती कॉम्पिटिशन के चलते कंपनी की मार्केट शेयर पर दबाव बना हुआ है। साथ ही, कच्चे माल की महंगाई (input costs) और सेमीकंडक्टर की सप्लाई में आने वाली रुकावटें मारुति के मार्जिन (profit margins) को प्रभावित कर सकती हैं। अब देखना ये होगा कि कंपनी अपने इस भारी-भरकम निवेश से कॉम्पिटिशन को कैसे मात देती है।
