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Maruti Suzuki: रिकॉर्ड प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट! फिर भी शेयर में आई गिरावट, जानें वजह

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Maruti Suzuki: रिकॉर्ड प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट! फिर भी शेयर में आई गिरावट, जानें वजह
Overview

Maruti Suzuki ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) का समापन अपने अब तक के सबसे बड़े प्रोडक्शन और सेल्स के रिकॉर्ड के साथ किया है। कंपनी ने मार्च 2026 में **2.31 लाख** से अधिक यूनिट्स का प्रोडक्शन किया और पूरे फाइनेंशियल ईयर में **24.22 लाख** यूनिट्स की कुल बिक्री दर्ज की। इन शानदार आंकड़ों के बावजूद, **2 अप्रैल 2026** को Maruti Suzuki के शेयर में **1.66%** की गिरावट आई और यह **₹12,301** पर बंद हुआ।

रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड: FY26 में Maruti Suzuki का दबदबा

Maruti Suzuki India Limited ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) का अंत दमदार प्रदर्शन के साथ किया है। कंपनी ने मार्च 2026 में 2,31,933 यूनिट्स का प्रोडक्शन किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 19% अधिक है। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए, कंपनी की कुल बिक्री 24,22,713 यूनिट्स तक पहुंच गई, जो इसके इतिहास की सबसे ऊंची डोमेस्टिक और एक्सपोर्ट वॉल्यूम है। डोमेस्टिक बिक्री 18,61,704 यूनिट्स रही, जबकि एक्सपोर्ट ने 4,47,774 यूनिट्स का नया रिकॉर्ड बनाया।

शानदार नतीजों पर क्यों गिरा शेयर?

ऑपरेशनल लेवल पर इन शानदार उपलब्धियों के बावजूद, 2 अप्रैल 2026 को Maruti Suzuki के शेयर की कीमत में 1.66% की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹12,301 पर ट्रेड कर रहा था। बिक्री के मजबूत आंकड़ों और शेयर में गिरावट के बीच का यह अंतर निवेशकों की भविष्य की संभावनाओं को लेकर चिंताओं को दर्शाता है।

लागत वृद्धि और EV कॉम्पिटिशन का डर

ऑटोमोटिव सेक्टर इस समय मुश्किल बाजार का सामना कर रहा है। FY26 की तीसरी तिमाही में Maruti Suzuki के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में 1.7 प्रतिशत पॉइंट की कमी आई, जो घटकर 11% रह गया। इसका मुख्य कारण एल्यूमीनियम और स्टील जैसी कच्ची सामग्रियों की बढ़ती लागत है। इन बढ़ी हुई लागतों को पूरा करने के लिए, कंपनी अप्रैल 2026 से अपने वाहनों की कीमतों में 2% तक की वृद्धि करने की योजना बना रही है, जो कीमत के प्रति संवेदनशील ग्राहकों के लिए बिक्री को प्रभावित कर सकती है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। हालांकि Maruti Suzuki ने e-Vitara के साथ इस बाजार में कदम रखा है, फरवरी 2026 में 870 यूनिट्स की होलसेल बिक्री के साथ EV बाजार में 1.52% की हिस्सेदारी हासिल की है, लेकिन इसकी समग्र EV पैठ प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में अभी भी कम है। Tata Motors EV बाजार में काफी आगे है, जिसकी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हाल की अवधि में 69% बढ़ी है। Mahindra & Mahindra भी अपने SUV पोर्टफोलियो और EV रेंज को आक्रामक रूप से बढ़ावा दे रहा है, जिसने FY26 की चौथी तिमाही में SUV बिक्री में 23.3% की वृद्धि दर्ज की है। EV रेस में यह धीमी रफ्तार Maruti Suzuki के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम प्रस्तुत करती है।

विश्लेषकों की राय और भविष्य की राह

फिलहाल, विश्लेषकों के बीच Maruti Suzuki के लिए 'मॉडरेट बाय' (Moderate Buy) की आम राय है, जिसमें औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट लगभग ₹17,255 है। हालांकि, कुछ विश्लेषकों ने ₹11,710 के निचले प्राइस टारगेट के साथ 'होल्ड' (Hold) रेटिंग भी दी है, जो बाजार की मिली-जुली भावना को दर्शाता है। 2 अप्रैल 2026 तक शेयर का P/E रेश्यो लगभग 26.34 था।

आगे चलकर, अप्रैल 2026 से नई प्रोडक्शन कैपेसिटी शुरू होने से Maruti Suzuki को फायदा होने की उम्मीद है, जिससे मौजूदा विनिर्माण बाधाएं दूर होंगी। कंपनी FY27 के लिए भारतीय ऑटो सेक्टर में 3-4% की मामूली डोमेस्टिक बिक्री वृद्धि की उम्मीद कर रही है, साथ ही एक्सपोर्ट प्रदर्शन भी मजबूत बने रहने की संभावना है। नए मॉडलों की मजबूत पाइपलाइन और प्रोडक्शन की बाधाएं दूर होने से यह इंडस्ट्री की औसत वृद्धि से ऊपर प्रदर्शन कर सकती है। हालांकि, बढ़ती EV प्रतिस्पर्धा और लगातार मार्जिन दबाव से सफलतापूर्वक निपटना इसके भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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