Maruti Suzuki ने अपनी एंट्री-लेवल कारों Alto और S-Presso की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। कंपनी का मकसद साल 2025 के अंत से देखी जा रही **47%** की बिक्री ग्रोथ को बरकरार रखना है।
बाजार हिस्सेदारी बचाने की रणनीति
Maruti Suzuki ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपनी एंट्री-लेवल कारों, Alto और S-Presso के दाम नहीं बढ़ाए हैं। हालांकि कंपनी ने जून के बाद से अपनी अन्य Arena और Nexa लाइनअप की कारों की कीमतों में 3 बार बढ़ोतरी की है, लेकिन ये दोनों बजट मॉडल इस दायरे से बाहर रखे गए हैं। सितंबर 2025 में GST में कटौती के बाद से इन मॉडल्स की बिक्री में 47% का जोरदार उछाल देखने को मिला है, जिसे कंपनी अब हर हाल में बचाए रखना चाहती है।
क्यों नहीं बढ़ाए दाम?
कंपनी के लिए यह सेगमेंट केवल बिक्री का जरिया नहीं, बल्कि नए ग्राहकों को अपने साथ जोड़ने का एक 'फनल' है। कंपनी चाहती है कि पहली बार कार खरीदने वाले लोग पुरानी कारों या टू-व्हीलर्स के बजाय नई मारुति चुनें, ताकि आगे चलकर वे कंपनी के प्रीमियम मॉडल्स की ओर शिफ्ट हो सकें।
SUV का मुनाफा, छोटी कारों का सहारा
बढ़ती लागत के दबाव के बावजूद दाम न बढ़ा पाने के पीछे कंपनी की 'क्रॉस-सब्सिडाइजेशन' रणनीति है। कंपनी के SUV और प्रीमियम पोर्टफोलियो से आने वाला तगड़ा मुनाफा इन छोटी कारों के मार्जिन की कमी को पूरा कर रहा है। यदि कंपनी इनके दाम बढ़ाती है, तो उसे ग्रामीण और लोअर-मिडल क्लास ग्राहकों के बाजार से बाहर होने का डर है।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि, कच्चे माल (जैसे स्टील, रबर और ऑटोमोटिव प्लास्टिक) की कीमतों में तेजी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। घरेलू स्टील की कीमतें 4 साल के उच्चतम स्तर पर हैं। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या मारुति इस संतुलन को बनाए रख पाती है। अगर SUV सेगमेंट में मांग कम हुई या इनपुट कॉस्ट और बढ़ी, तो कंपनी की कुल प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बढ़ सकता है।
