Maruti Suzuki: प्रोडक्शन की मार! बूम करते ऑटो मार्केट में घरेलू बिक्री ठप, एक्सपोर्ट में रिकॉर्ड तोड़ तेजी!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Maruti Suzuki: प्रोडक्शन की मार! बूम करते ऑटो मार्केट में घरेलू बिक्री ठप, एक्सपोर्ट में रिकॉर्ड तोड़ तेजी!
Overview

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी Maruti Suzuki इस वक्त प्रोडक्शन (Production) की तंगी से जूझ रही है। उम्मीद है कि यह दिक्कतें अगले कुछ महीने और बनी रहेंगी। इसके चलते, जनवरी 2026 में कंपनी की घरेलू बिक्री (Domestic Sales) लगभग स्थिर रही, जो कि बूम करते ऑटो मार्केट और प्रतिद्वंद्वियों की शानदार परफॉरमेंस से बिल्कुल उलट है।

ऑटो मार्केट में बूम, Maruti Suzuki की घरेलू बिक्री पर ब्रेक?

जनवरी 2026 में भारतीय ऑटो सेक्टर ने रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार पकड़ी। पैसेंजर व्हीकल (Passenger Vehicle) की होलसेल बिक्री पिछले किसी भी जनवरी महीने से ज्यादा रही, जो करीब 4.5 लाख यूनिट तक पहुंची। इस शानदार डिमांड का फायदा Hyundai Motor India, Tata Motors Passenger Vehicles और Mahindra & Mahindra जैसी कंपनियों को मिला, जिन्होंने रिकॉर्ड या बढ़ी हुई सेल्स दर्ज की। लेकिन इन सबके बीच, Maruti Suzuki की डोमेस्टिक सेल्स (Domestic Sales) प्रोडक्शन की रुकावटों के कारण लगभग स्थिर रही।

प्रोडक्शन की दिक्कतें सेल्स को कर रही हैं प्रभावित

Maruti Suzuki के मार्केटिंग और सेल्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, Partho Banerjee ने बताया है कि प्रोडक्शन की ये दिक्कतें "कुछ और महीनों" तक बनी रह सकती हैं। इसका सीधा असर जनवरी 2026 की डोमेस्टिक सेल्स पर पड़ा, जो साल-दर-साल (Year-on-Year) सिर्फ 0.5% बढ़कर 174,529 यूनिट रही। हालांकि, यूटिलिटी व्हीकल्स (Utility Vehicles) की बिक्री में 16% की अच्छी बढ़त देखी गई, वहीं मिनी और कॉम्पैक्ट सेगमेंट (Mini and Compact Segments), जिसमें Wagon R जैसे हाई-वॉल्यूम सेलर्स आते हैं, में करीब 9.8% की गिरावट आई। कंपनी फिलहाल अपनी प्लांट्स को लगभग पूरी क्षमता (Maximum Capacity) पर चला रही है और पेंडिंग ऑर्डर्स (Pending Orders) की लंबी लिस्ट, जो करीब 175,000 है, को कम करने के लिए रविवार और छुट्टियों में भी काम कर रही है। 2 फरवरी 2026 को स्टॉक करीब ₹14,199 पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें 393,678 शेयर्स का वॉल्यूम (Volume) देखा गया।

एक्सपोर्ट में रिकॉर्ड उछाल, यूरोप की राहें भी खुलेंगी?

घरेलू चुनौतियों के बावजूद, Maruti Suzuki ने भारत के सबसे बड़े कार एक्सपोर्टर (Exporter) के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत की। जनवरी 2026 में कंपनी ने रिकॉर्ड 51,020 यूनिट्स का एक्सपोर्ट किया, जो पिछले साल के मुकाबले 88% ज्यादा है। जापान, साउथ अफ्रीका और सऊदी अरब जैसे बाजारों से आ रही डिमांड इस एक्सपोर्ट को बढ़ावा दे रही है। कंपनी यह भी देख रही है कि हाल ही में साइन हुए इंडिया-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (India-EU Free Trade Agreement) के तहत किन मॉडल्स को यूरोप में एक्सपोर्ट किया जा सकता है, जिससे भारतीय मैन्युफैक्चर्ड गाड़ियों के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं।

प्रतिद्वंद्वियों का दबदबा और Maruti Suzuki की भविष्य की योजनाएं

जहां Maruti Suzuki की डोमेस्टिक सेल्स धीमी रही, वहीं उसके प्रतिद्वंद्वियों ने शानदार प्रदर्शन किया। Hyundai Motor India ने 9.5% की बढ़त के साथ 59,107 यूनिट्स की रिकॉर्ड डोमेस्टिक सेल्स दर्ज की। Tata Motors Passenger Vehicles की सेल्स 47.1% बढ़कर 71,066 यूनिट्स पर पहुंच गई, और Mahindra & Mahindra की यूटिलिटी व्हीकल सेल्स 25% बढ़कर 63,510 यूनिट्स रही।

लगभग ₹4.469 ट्रिलियन की मार्केट कैप (Market Cap) और करीब 29.4 के पी/ई रेश्यो (P/E Ratio) वाली Maruti Suzuki अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी (Capacity) बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। कंपनी अपनी Kharkoda फैसिलिटी में अप्रैल 2026 तक दूसरी लाइन और गुजरात प्लांट में चौथी लाइन शुरू करने की योजना बना रही है, जिससे सालाना 500,000 यूनिट्स की अतिरिक्त क्षमता बढ़ेगी। इन कोशिशों का मकसद मौजूदा प्रोडक्शन की दिक्कतों को दूर करना और बढ़ती डिमांड को पूरा करना है, खासकर छोटी कारों की, जिनकी डिमांड मजबूत है पर सप्लाई की कमी है। कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (Electric Vehicles) में भी निवेश कर रही है ताकि बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बदलती कंज्यूमर प्रेफरेंसेज के बीच अपनी मार्केट लीडरशिप बनाए रख सके।

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