मांग में बंपर उछाल और रिकॉर्ड बिक्री
Maruti Suzuki India ने जनवरी 2026 में इतिहास रच दिया। कंपनी ने एक ही महीने में 2,36,963 गाड़ियां बेच डालीं, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक बिक्री आंकड़ा है। इस शानदार प्रदर्शन में 51,020 यूनिट्स के एक्सपोर्ट का बड़ा योगदान रहा, जो मासिक एक्सपोर्ट का नया रिकॉर्ड है। डोमेस्टिक मार्केट में भी डिमांड कम नहीं है, ग्राहकों के 1.75 लाख से ज्यादा ऑर्डर्स पेंडिंग हैं। जनवरी में ही 2.78 लाख से ज्यादा नई बुकिंग्स आईं, जो पिछले साल की तुलना में 25% ज्यादा हैं। यूटिलिटी व्हीकल्स जैसे Brezza और Grand Vitara की बिक्री में 16% की बढ़ोतरी देखी गई। हालांकि, कॉम्पैक्ट कार सेगमेंट में थोड़ी नरमी रही। 2 फरवरी 2026 तक, स्टॉक लगभग ₹14,185 पर ट्रेड कर रहा था, जिसका 52-हफ्ते का हाई-लो ₹11,059.45 से ₹17,370 के बीच रहा है।
लागत का दबाव और कीमतों पर फैसला
यह शानदार बिक्री कंपनी के लिए खुशखबरी तो है, लेकिन साथ ही लागत का दबाव भी बढ़ रहा है। कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर Partho Banerjee ने कन्फर्म किया है कि बढ़ती कमोडिटी (commodity) कीमतों, खासकर कीमती धातुओं की लागत बढ़ने के कारण, Maruti Suzuki अपनी गाड़ियों के दाम बढ़ाने पर विचार कर रही है। कंपनी कोशिश कर रही है कि ग्राहकों पर इसका असर कम से कम पड़े, लेकिन एक हद तक लागत को सोखने के बाद दाम बढ़ाना जरूरी हो सकता है। यह पहले की GST कटौती के बाद हुए दाम कम करने से बिलकुल अलग स्थिति है। हालिया तिमाही नतीजों (Q3 FY26) के अनुसार, कंपनी का नेट प्रॉफिट 4.08% बढ़ा है, लेकिन ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन घटकर 11.72% रह गया है, जो बढ़ती लागत और कॉम्पिटिशन का संकेत है। कंपनी का P/E रेशियो लगभग 29.9 से 30.52 के बीच है।
क्षमता विस्तार और भविष्य की योजनाएं
लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए Maruti Suzuki अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी (production capacity) बढ़ाने पर जोर दे रही है। हरियाणा के Kharkhoda में दूसरा प्लांट अप्रैल 2026 तक चालू हो जाएगा, वहीं गुजरात प्लांट में भी 5 लाख यूनिट्स सालाना की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इन नई यूनिट्स से प्रोडक्शन की मौजूदा बाधाएं दूर होने की उम्मीद है, जो अगले कुछ महीनों तक रह सकती हैं। प्रोडक्ट पोर्टफोलियो (product portfolio) को मजबूत करते हुए, कंपनी इलेक्ट्रिक e VITARA को इसी महीने लॉन्च करने की तैयारी में है। 2026 तक भारतीय ऑटो सेक्टर के $300 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) का बड़ा योगदान होगा।