Maruti Suzuki ने अगस्त 2026 में कुल **2,19,220** यूनिट्स बेचकर शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने इसी फाइनेंशियल ईयर में **10 लाख** यूनिट्स का माइलस्टोन पार कर लिया है, हालांकि बढ़ती लागत और **₹77,500 करोड़** के बड़े एक्सपेंशन प्लान ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
घरेलू बाजार में जबरदस्त दम
अगस्त 2026 में Maruti Suzuki का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। कंपनी ने पिछले साल के 1,80,683 यूनिट्स के मुकाबले इस बार 2,19,220 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है। खास बात यह है कि कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर के शुरुआती 5 महीनों में ही 10 लाख से ज्यादा गाड़ियां बेच दी हैं। कंपनी की इस बढ़त के पीछे सबसे बड़ा हाथ घरेलू बाजार का रहा, जहां कुल बिक्री 34% बढ़कर 1,80,078 यूनिट्स रही। इसमें यूटिलिटी व्हीकल्स (UV) सेगमेंट का जलवा रहा, जिसकी बिक्री 46% उछाल के साथ 79,045 यूनिट्स तक पहुंच गई। हालांकि, एक्सपोर्ट में 7% की गिरावट और OEM सप्लाई में 48% की बड़ी कमी दर्ज की गई है।
मुनाफे पर मार और बड़ा निवेश
सेल्स वॉल्यूम तो बढ़ रहा है, लेकिन कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन दबाव में है। Q1 फाइनेंशियल ईयर 2027 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 9.11% घटकर ₹3,346.9 करोड़ रह गया, जिसका मुख्य कारण रॉ मटेरियल की बढ़ती कीमत है। भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए कंपनी ने ₹77,500 करोड़ का बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान तैयार किया है, जो फाइनेंशियल ईयर 2031 तक चलेगा। इस साल के लिए कंपनी ने अपना Capex बजट 40% बढ़ाकर ₹14,000 करोड़ कर दिया है।
रिस्क और मार्केट की चाल
SUV सेगमेंट में बढ़ता कॉम्पिटिशन कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती है। मार्केट में नई लॉन्चिंग के बावजूद अपना दबदबा बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। यही वजह है कि स्टॉक अपने साल 2026 के पीक से लगभग 25% नीचे ट्रेड कर रहा है। अब निवेशकों की नजर फेस्टिव सीजन की डिमांड और मार्जिन को बचाने के लिए कंपनी के मैनेजमेंट के अगले कदमों पर टिकी है।
