Maruti Suzuki Share: Q3 में रेवेन्यू बढ़ा, पर Profit पर दबाव! एनालिस्ट्स ने घटाई Target Price, 'HOLD' रेटिंग जारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Maruti Suzuki Share: Q3 में रेवेन्यू बढ़ा, पर Profit पर दबाव! एनालिस्ट्स ने घटाई Target Price, 'HOLD' रेटिंग जारी
Overview

Maruti Suzuki के तिमाही नतीजों ने निवेशकों को थोड़ा चिंतित किया है। कंपनी का रेवेन्यू तो बढ़ा है, लेकिन लागत बढ़ने के कारण मुनाफे (Profit) पर दबाव देखा गया। इसी को देखते हुए, ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने शेयर पर 'HOLD' रेटिंग बनाए रखी है और टारगेट प्राइस को भी कम कर दिया है।

Q3 FY26 के नतीजे: रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे पर दबाव

Maruti Suzuki India Limited (MSIL) के तीसरे तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों में कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू तो बढ़ा, लेकिन कच्चे माल (Commodity) की बढ़ती कीमतों और फॉरेन एक्सचेंज (Forex) में उतार-चढ़ाव के चलते मुनाफे (Profit) पर दबाव देखा गया। इस प्रदर्शन को देखते हुए, ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने शेयर पर अपनी 'HOLD' रेटिंग को बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस को ₹16,700 से घटाकर ₹15,750 कर दिया है।

मार्जिन पर क्यों पड़ रहा है दबाव?

Maruti Suzuki के ग्रॉस मार्जिन पर कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और फॉरेन एक्सचेंज (Forex) में उतार-चढ़ाव का असर साफ दिख रहा है। इसके अलावा, इन्वेंट्री एडजस्टमेंट और कुछ प्राइस रिडक्शन भी इसमें शामिल हैं। कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भारी निवेश कर रही है, जिसका असर नियर-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ने की उम्मीद है। लंबी अवधि के लिए यह रणनीति जरूरी है, लेकिन शुरुआती लागतें मौजूदा प्रॉफिट को प्रभावित करेंगी। भारत में स्टील पर फिर से लगने वाली ड्यूटी भी लागत बढ़ा सकती है।

आगे का रास्ता और ग्रोथ के फैक्टर

इन मार्जिन की चिंताओं के बावजूद, Maruti Suzuki की सेल्स वॉल्यूम मजबूत बनी हुई है। GST 2.0 रिफॉर्म्स के बाद डोमेस्टिक डिमांड बढ़ी है, खासकर स्मॉल कार सेगमेंट में। कंपनी के पास ऑर्डर्स का एक बड़ा बैकलॉग है। आने वाले समय में नए मॉडल्स लॉन्च, लागत बढ़ने का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने की क्षमता और GST 2.0 के बाद बनी डिमांड का असर ग्रोथ पर दिखेगा। हालांकि, नए प्लांट्स के लिए बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) से डेप्रिसिएशन (Depreciation) बढ़ेगा, जिसका असर EPS पर पड़ेगा। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि FY25 से FY28E के बीच वॉल्यूम में 8.0% और रियलाइजेशन में 9.1% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) रहेगी। इससे रेवेन्यू, EBITDA और EPS में क्रमशः 17.7%, 17.4% और 15.8% की CAGR का अनुमान है।

एनालिस्ट्स की राय और वैल्यूएशन

Prabhudas Lilladher की 'HOLD' रेटिंग कंपनी की मार्केट में मजबूत पकड़ और मुनाफे पर आने वाली नियर-टर्म चुनौतियों के बीच संतुलन को दर्शाती है। ₹15,750 का संशोधित टारगेट प्राइस, कंपनी की सितंबर 2027 तक की अनुमानित कमाई (Earnings) का 25 गुना वैल्यूएशन दिखाता है। इस वैल्यूएशन में मार्जिन प्रेशर और बढ़ते डेप्रिसिएशन की लागत को भी शामिल किया गया है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹4.46 लाख करोड़ है और इसका पिछले बारह महीनों का P/E रेशियो करीब 30.5x है।

हालिया डेवलपमेंट और स्ट्रेटेजिक निवेश

हाल ही में Maruti Suzuki ने इनकम टैक्स अथॉरिटी से FY 2021-22 के लिए ₹11,825 मिलियन के टैक्स डिमांड ऑर्डर की जानकारी दी है, जिसका कंपनी विरोध करेगी। साथ ही, कंपनी अपनी EV स्ट्रेटेजी पर तेजी से काम कर रही है। 2030 तक कुल बिक्री में EV की हिस्सेदारी 15% करने का लक्ष्य है और इसके लिए प्रोडक्शन फैसिलिटी व चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश किया जा रहा है। यह लंबी अवधि की प्रतिबद्धता यह सुनिश्चित करती है कि कंपनी बदलती इंडस्ट्री ट्रेंड्स के साथ कदम मिलाते हुए अपनी मार्केट लीडरशिप बनाए रखे, भले ही फिलहाल लागत के दबावों और रेगुलेटरी मसलों से निपटना पड़ रहा हो।

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