Mahindra & Mahindra (M&M): ऑटो का दम, ट्रैक्टर के लिए सहारा! El Nino के डर से क्या होगा आगे?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Mahindra & Mahindra (M&M): ऑटो का दम, ट्रैक्टर के लिए सहारा! El Nino के डर से क्या होगा आगे?
Overview

HSBC की नई रिपोर्ट के अनुसार, El Nino के डर और पिछले साल के मजबूत प्रदर्शन (High Base) के चलते आने वाले **2-3** फाइनेंशियल ईयर में ट्रैक्टर वॉल्यूम ग्रोथ घटकर **0-2%** रह सकती है। हालांकि, Mahindra & Mahindra (M&M) का ऑटोमोबाइल बिजनेस कंपनी के एग्री-इक्विपमेंट सेगमेंट के दबाव को कम कर रहा है।

El Nino का साया और ट्रैक्टर इंडस्ट्री का भविष्य

HSBC ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च के एनालिस्ट्स का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2028 के बीच भारतीय ट्रैक्टर इंडस्ट्री की ग्रोथ धीमी रहेगी। उन्होंने 0-2% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) का अनुमान लगाया है, जो FY26 में अनुमानित 21% की ग्रोथ से काफी कम है। इस गिरावट की मुख्य वजह पिछले सालों का मजबूत बेस और El Nino का संभावित असर है, जिससे मॉनसून कमजोर होने और एग्रीकल्चर आउटपुट घटने की आशंका है। इसके चलते HSBC ने M&M और Escorts Kubota दोनों के लिए FY27 और FY28 के ट्रैक्टर वॉल्यूम अनुमानों में 5-7% की कटौती की है। ऐतिहासिक रूप से, El Nino वाले साल और उसके बाद के साल में ट्रैक्टर वॉल्यूम पर असर दिखता है।

M&M का ऑटो सेगमेंट बना सहारा

फार्म इक्विपमेंट सेक्टर में नरमी के बावजूद, Mahindra & Mahindra (M&M) का ऑटोमोबाइल बिजनेस काफी मजबूत दिख रहा है। M&M के यूटिलिटी व्हीकल (UV) सेगमेंट में डिमांड जबरदस्त बनी हुई है और कंपनी के पास बड़े ऑर्डर बुक हैं। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 में पूरे भारतीय ऑटो रिटेल मार्केट में 18% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ देखी गई, जो कंज्यूमर डिमांड में मजबूती दिखाती है। SUV और LCV सेगमेंट में लीडर M&M के ऑटो डिवीजन से अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है, जो ट्रैक्टर सेगमेंट की संभावित गिरावट की भरपाई कर सकता है। इसी वजह से HSBC ने M&M पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹4,150 कर दिया है। कंपनी का P/E रेशियो करीब 25.23 है।

Escorts Kubota के लिए घरेलू बाजार में चुनौती

दूसरी ओर, Escorts Kubota को घरेलू ट्रैक्टर मार्केट में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। HSBC ने कंपनी पर 'Hold' रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस ₹3,600 रखा है, लेकिन कंपनी का डोमेस्टिक मार्केट शेयर घट रहा है। FY26 के पहले 10 महीनों में इसका शेयर 10.8% रहा, जो FY22 के 12.9% से कम है। M&M, TAFE और Sonalika जैसे कॉम्पिटिटर्स ने बेहतर ग्रोथ दिखाई है। एक्सपोर्ट में अच्छी ग्रोथ के बावजूद, डोमेस्टिक मार्केट में शेयर का घटना एक बड़ी चिंता है। कंपनी का P/E रेशियो करीब 16.68 है, जो इंडस्ट्री एवरेज 28.33 से कम है।

सेक्टर की तस्वीर और वैल्यूएशन

कुल मिलाकर, भारतीय ऑटो सेक्टर में मजबूती दिख रही है। जनवरी 2026 में रिटेल सेल्स में 18% की उछाल आई, जिसमें टू-व्हीलर और पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट का बड़ा योगदान रहा। ट्रैक्टर सेगमेंट में भी स्थिर ग्रोथ है। M&M का मार्केट कैप ₹4.26 लाख करोड़ से ज्यादा है, जबकि Escorts Kubota का मार्केट कैप लगभग ₹39,894 करोड़ है। M&M का ट्रैक्टर मार्केट में दबदबा है (सभी ब्रांड्स मिलाकर 42% से ज्यादा शेयर), वहीं Escorts Kubota का शेयर करीब 10.8% है। John Deere और CNH Industrial जैसे ग्लोबल प्लेयर भी इस मार्केट में मौजूद हैं।

आगे क्या जोखिम हैं?

हालांकि, जलाशय का जलस्तर (Reservoir Levels) लंबे समय के औसत से 24% ऊपर है, जो मॉनसून की कमी के खिलाफ एक बफर का काम कर सकता है, लेकिन गंभीर El Nino एग्रीकल्चर आउटपुट पर सीधा असर डाल सकता है। इससे रूरल डिमांड और भी घट सकती है, जिसका असर सिर्फ ट्रैक्टर ही नहीं, बल्कि FMCG और टू-व्हीलर जैसे सेक्टर्स पर भी पड़ सकता है। M&M के लिए, अगर ऑटो सेगमेंट में अचानक मंदी आती है या इनपुट कॉस्ट बढ़ती है, तो मुनाफा प्रभावित हो सकता है। Escorts Kubota अपनी डोमेस्टिक सेल्स पर ज्यादा निर्भर होने के कारण कॉम्पिटिटिव प्रेशर और मार्केट शेयर घटने के प्रति ज्यादा संवेदनशील है। एक लंबा कमजोर मॉनसून Rabi बुवाई को भी प्रभावित कर सकता है।

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