Mahindra & Mahindra: विदेशी कारोबार से बाहर निकलने का बड़ा फैसला, अब घरेलू मार्केट पर पूरा फोकस

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AuthorMehul Desai|Published at:
Mahindra & Mahindra: विदेशी कारोबार से बाहर निकलने का बड़ा फैसला, अब घरेलू मार्केट पर पूरा फोकस

Mahindra & Mahindra ने अपनी पूंजी को सही जगह लगाने के लिए फिनलैंड और तुर्की में अपने खराब प्रदर्शन कर रहे इंटरनेशनल यूनिट्स से बाहर निकलने का फैसला किया है। कंपनी अब अपना पूरा ध्यान घरेलू एयरोस्पेस, कमर्शियल व्हीकल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर लगाएगी।

Mahindra & Mahindra ने एक बड़ा रणनीतिक बदलाव करते हुए अपने इंटरनेशनल फुटप्रिंट को कम करने का फैसला किया है। कंपनी फिनलैंड में अपनी हार्वेस्टिंग इक्विपमेंट कंपनी 'Sampo Rosenlew' और तुर्की में अपनी फाउंड्री ऑपरेशंस से बाहर निकल रही है। यह निर्णय ग्लोबल मार्केट में ट्रैक्टर की मांग में आई गिरावट के बाद लिया गया है।\n\n### घरेलू बाजार में नई रफ्तार\n\nकंपनी अब इन इंटरनेशनल यूनिट्स से निकलने वाली पूंजी को भारत में एयरोस्पेस, कमर्शियल व्हीकल और लास्ट-माइल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में निवेश करेगी। एयरोस्पेस डिवीजन के लिए कंपनी ने 2030 तक रेवेन्यू को 12 गुना बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके लिए कंपनी के पास ₹11,500 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक है, साथ ही Embraer के साथ पार्टनरशिप भी की गई है। इसके अलावा, कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में 2031 तक 10-12% मार्केट शेयर हासिल करने का लक्ष्य है।\n\n### फाइनेंशियल सेहत और भविष्य की राह\n\nकंपनी वर्तमान में नेट-डेथ-फ्री (कर्ज मुक्त) स्थिति में है और अक्टूबर 2026 में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है, जिसमें साल-दर-साल 9% की वृद्धि देखी गई। कंपनी ने साफ कर दिया है कि ऑटो और फार्म बिजनेस के डिमर्जर की फिलहाल कोई योजना नहीं है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि एयरोस्पेस और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में बड़े निवेश की जरूरत होगी, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ सकता है। फिलहाल बाजार की नजरें कंपनी के नए प्रोडक्शन कैपेसिटी और ऑर्डर बुक के एग्जीक्यूशन पर टिकी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.