Mahindra & Mahindra के लिए सितंबर महीना मिला-जुला रहा। कंपनी ने वाहनों की बिक्री में **15%** का उछाल दर्ज किया है, लेकिन ट्रैक्टर सेगमेंट में **23%** की गिरावट ने निवेशकों को निराश किया, जिसके चलते शेयर **3%** से ज्यादा गिरकर अपने 52-वीक निचले स्तर पर पहुंच गया।
Mahindra & Mahindra के शेयरों में 1 अक्टूबर 2026 को भारी बिकवाली देखी गई। कंपनी के ऑटो बिजनेस में शानदार प्रदर्शन के बावजूद, बाजार की पूरी नजर ट्रैक्टर सेगमेंट की कमजोरी पर रही। इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान शेयर 3% से अधिक गिरकर ₹2,843.65 के नए 52-वीक निचले स्तर पर पहुंच गया, जो ग्रामीण मांग को लेकर निवेशकों की चिंता को दर्शाता है।
ऑटो सेगमेंट में दम
ऑटोमोबाइल मोर्चे पर कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। सितंबर में कुल बिक्री 15% सालाना वृद्धि के साथ 114,874 यूनिट रही। खास बात यह है कि यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट में 14% की तेजी के साथ 64,092 यूनिट्स बिकीं, जबकि कमर्शियल व्हीकल बिजनेस में भी 14% की ग्रोथ देखी गई। कंपनी ने अपने इलेक्ट्रिक ओरिजिन SUVs के लिए 100,000 यूनिट्स की बिलिंग का माइलस्टोन भी पार कर लिया है।
ट्रैक्टर सेल्स क्यों घटी?
ऑटो सेल्स की चमक ट्रैक्टर बिजनेस के आंकड़ों के नीचे दब गई। घरेलू ट्रैक्टर बिक्री साल-दर-साल 23% घटकर 50,208 यूनिट पर आ गई। जानकारों के अनुसार, फेस्टिव सीजन का समय इस साल अक्टूबर में होने के कारण सितंबर के आंकड़ों का पिछले साल से तुलना करना चुनौतीपूर्ण रहा।
अब बाजार की नजरें 5 नवंबर 2026 पर टिकी हैं, जब कंपनी के बोर्ड की बैठक में दूसरी तिमाही के नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सुस्ती कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को किस हद तक प्रभावित करती है।
