Mahindra & Mahindra ने निवेशकों को आश्वस्त किया है कि Volkswagen के साथ उसकी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सप्लाई पार्टनरशिप पर कोई खतरा नहीं है, भले ही जर्मन ऑटोमेकर JSW के साथ कोई नया गठबंधन करे।
सप्लाई चेन पर कंपनी का रुख
Mahindra & Mahindra के ऑटोमोटिव बिजनेस प्रेसिडेंट आर. वेलुस्वामी ने साफ किया है कि Volkswagen के साथ उनका मौजूदा करार पूरी तरह अलग और सुरक्षित है। कंपनी अपने INGLO इलेक्ट्रिक व्हीकल आर्किटेक्चर के लिए Volkswagen के MEB प्लेटफॉर्म के पार्ट्स और बैटरी सेल्स का उपयोग कर रही है, जो JSW के साथ हो रही संभावित चर्चाओं से बिल्कुल स्वतंत्र है।
क्या है VW और JSW का मामला?
बाजार के जानकारों का मानना है कि Volkswagen और JSW के बीच की बातचीत एक इक्विटी-बेस्ड जॉइंट वेंचर है, जबकि महिंद्रा के साथ कंपनी का करार सिर्फ एक सप्लाई एग्रीमेंट है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि VW-JSW की डील $1.4 बिलियन के एक बड़े टैक्स विवाद में फंसी है। यह कानूनी पेंच इस डील में देरी ला सकता है।
स्टॉक पर दबाव और रणनीति
Mahindra अपने जोखिम को कम करने के लिए BYD जैसे अन्य प्रोवाइडर्स से भी बैटरी टेक्नोलॉजी ले रही है। हालांकि इन सब के बावजूद, कंपनी के शेयर हाल ही में दबाव में दिखे हैं। अक्टूबर 2026 की शुरुआत में स्टॉक 52-वीक के निचले स्तर के करीब ₹2,812 से ₹2,820 के दायरे में ट्रेड करता नजर आया है।
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या Mahindra अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में Maruti Suzuki और Hyundai जैसे प्रतिस्पर्धियों के बीच अपनी बाजार हिस्सेदारी को बरकरार रख पाती है या नहीं।
