M&M की कमाई ने तोड़ा रिकॉर्ड, ऑटो सेक्टर में भी बहार
इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) भी 29% की जोरदार बढ़ोतरी के साथ ₹54,891.55 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के ऑटोमोटिव (Automotive) और फार्म इक्विपमेंट (Farm Equipment) सेगमेंट दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया, जो इस नतीजे की मुख्य वजह बना।
भारतीय ऑटो बाजार में छाई बंपर सेल
सिर्फ M&M ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में अप्रैल 2026 में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री देखने को मिली। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के मुताबिक, कुल रिटेल बिक्री 12.94% बढ़कर 26.11 लाख यूनिट से ज्यादा हो गई। इसमें पैसेंजर व्हीकल 12.21%, टू-व्हीलर 13.01% और ट्रैक्टरों की बिक्री में तो 23.22% की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई। आसान फाइनेंसिंग, बढ़ी हुई सामर्थ्य और मजबूत ग्रामीण मांग इस तेजी के पीछे मुख्य कारण रहे।
वैल्यूएशन और भविष्य का आउटलुक
अगर वैल्यूएशन (Valuation) की बात करें तो, भारतीय ऑटो सेक्टर फिलहाल अपने तीन साल के औसत 25.5x से थोड़ा ऊपर, करीब 30.8x के P/E (Price-to-Earnings) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है। M&M का P/E लगभग 28.5-28.8x है, जो Maruti Suzuki के 28.5-29.7x के आसपास है। एनालिस्ट्स का मानना है कि ऑटो सेक्टर में यह तेजी अगले 2-3 तिमाहियों तक जारी रह सकती है और 2026 तक ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है। पर्सनल मोबिलिटी का बढ़ता दायरा और EV का बढ़ता चलन भी इस पॉजिटिव आउटलुक को सपोर्ट कर रहे हैं।
भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतें बनी चिंता का सबब
लेकिन, जहां एक ओर शानदार नतीजे आए हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ चिंताएं भी हैं। डीलर्स का कहना है कि मध्य पूर्व में चल रहा भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में हो रही बढ़ोतरी कंज्यूमर डिमांड को प्रभावित कर सकती है और कंपनी के मार्जिन (Margin) पर भी असर डाल सकती है। FADA ने भी पश्चिम एशियाई संघर्ष के संभावित प्रभावों को लेकर चेतावनी दी है।
बाजार में दिखा मिला-जुला रुख
हालांकि, ओवरऑल ग्रोथ के बावजूद, बाजार की परफॉरमेंस में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल में Tata Motors Passenger Vehicles के सेल्स में गिरावट (-12.73%) देखी गई, जबकि M&M और Maruti Suzuki के सेगमेंट में मामूली साल-दर-साल गिरावट आई। यह सेक्टर में अलग-अलग कंपनियों के प्रदर्शन में भिन्नता को दर्शाता है।
आगे क्या? ग्रोथ के साथ जोखिम भी
कुल मिलाकर, ऑटो सेक्टर नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत मजबूत बिक्री और नतीजों के साथ कर रहा है। आने वाले समय में डिमांड अच्छी रहने की उम्मीद है, लेकिन भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और बढ़ती कमोडिटी कीमतों जैसे जोखिमों पर निवेशकों को पैनी नजर रखनी होगी।
