मुनाफे में कैसे आई बंपर उछाल?
M&M ने Q4 फाइनेंशियल ईयर 26 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट 53% की गजब की उछाल के साथ आया है, जो ₹39,601 करोड़ के स्टैंडअलोन रेवेन्यू पर दर्ज किया गया। यह जबरदस्त बढ़ोतरी काफी हद तक ऑपरेटिंग लेवरेज (operating leverage) की वजह से हुई, जिसे बाजार ने शायद कम आंका था। इसका सीधा मतलब है कि कंपनी ने बढ़ती बिक्री के साथ-साथ अपने खर्चों को बेहद कुशलता से कंट्रोल किया, जिससे प्रॉफिट सेल्स ग्रोथ से कहीं ज्यादा बढ़ा।
SUV और ट्रैक्टर की धांसू परफॉरमेंस
ऑटोमोटिव सेगमेंट कंपनी का मुख्य ग्रोथ इंजन बना रहा। Q4 में व्हीकल वॉल्यूम 21% बढ़कर 306,508 यूनिट पहुंच गई, जिसमें यूटिलिटी व्हीकल्स (SUVs) का बड़ा योगदान रहा। पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए, ऑटोमोटिव वॉल्यूम 19% की बढ़त के साथ 1,117,698 यूनिट पर पहुंच गई। इसी तरह, फार्म इक्विपमेंट सेक्टर में भी जबरदस्त मजबूती दिखी। Q4 में ट्रैक्टर वॉल्यूम 36% उछलकर 119,811 यूनिट रही, जिससे कंपनी की मार्केट शेयर 42.1% पर पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 90 बेसिस पॉइंट ज्यादा है। पूरे फाइनेंशियल ईयर में फार्म इक्विपमेंट की बिक्री 5 लाख यूनिट के पार पहली बार पहुंची, जो एक नया रिकॉर्ड है।
सर्विसेज सेगमेंट से चौंकाने वाली बढ़त
एक बड़ा पॉजिटिव सरप्राइज कंपनी के सर्विसेज सेगमेंट से आया, जहां कंसोलिडेटेड प्रॉफिट Q4 में 64% और पूरे साल में 54% बढ़ा। Mahindra Finance ने 12% AUM ग्रोथ दर्ज की और Tech Mahindra के EBIT मार्जिन में भी सुधार देखा गया। कंपनी की अन्य एंटिटीज जैसे Mahindra Lifespaces ने 55% प्री-सेल्स ग्रोथ और Mahindra Logistics ने पूरे साल के लिए लाभप्रदता में वापसी की।
वैल्यूएशन और मार्केट सेंटीमेंट
फिलहाल, M&M का ट्रेलिंग ट्वेल्व-मंथ पीई रेश्यो (P/E ratio) लगभग 21x से 25x के बीच है, जो ऑटो इंडस्ट्री के औसत 25.57x से थोड़ा कम है। कंपनी की मार्केट कैप लगभग ₹3.7-3.8 ट्रिलियन है। पिछले तीन महीनों में स्टॉक में 13% से ज्यादा की गिरावट आई है। एनालिस्ट्स की राय ज्यादातर पॉजिटिव है, लेकिन कुछ इसे 'Modestly Overvalued' भी मान रहे हैं।
आगे का रास्ता और ग्रोथ ड्राइवर्स
मैनेजमेंट ने FY26 को मजबूत निष्पादन का 'defining year' बताया है। कंपनी SUVs, ट्रैक्टरों और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स में मार्केट लीडर है। मैनेजमेंट ने ₹33 प्रति शेयर का डिविडेंड भी घोषित किया है। FY27 के लिए ऑटो सेक्टर में मांग बनी रहने की उम्मीद है, हालांकि ग्रोथ सामान्य हो सकती है।
