मुनाफे में दमदार वापसी, पर रेवेन्यू पर हल्की चूक
Mahindra & Mahindra (M&M) ने अपनी दिसंबर 2025 में खत्म हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी ने एनालिस्ट्स की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए ₹3,931 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 32.6% की जोरदार बढ़त है, जबकि एनालिस्ट्स ने ₹3,904 करोड़ का अनुमान लगाया था।
कंपनी की कमाई (EBITDA) भी 27% बढ़कर ₹5,668 करोड़ हो गई, और मार्जिन 14.7% पर स्थिर बने रहे। वहीं, कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 26% बढ़कर ₹38,517 करोड़ रहा, जो मार्केट की उम्मीद ₹38,843 करोड़ से थोड़ा कम था। कंपनी ने यह भी बताया कि नए लेबर कोड से जुड़े एक बार के खर्च (one-time charge) का भी नतीजों पर मामूली असर पड़ा।
शेयर में उतार-चढ़ाव के बाद रिकवरी
नतीजों के बाद शेयर बाजार में शुरुआती तौर पर थोड़ी गिरावट देखी गई, जहां स्टॉक अपने दिन के उच्चतम स्तर से 2.5% तक नीचे आ गया था। हालांकि, बाद में स्टॉक संभल गया और 11 फरवरी 2026 की दोपहर तक 1.87% की बढ़त के साथ ₹3,747.60 पर ट्रेड कर रहा था। यह रिकवरी दर्शाती है कि निवेशक कंपनी की प्रॉफिट मैनेजमेंट क्षमता पर भरोसा बनाए हुए हैं, भले ही रेवेन्यू में थोड़ी कमी आई हो। पिछले छह महीनों में M&M के शेयर ने पहले ही 17.62% का अच्छा रिटर्न दिया है।
ऑटो सेक्टर की मजबूती और M&M की स्थिति
भारतीय ऑटो और फार्म इक्विपमेंट सेक्टर 2026 में अच्छी ग्रोथ की ओर अग्रसर हैं। अनुमान है कि ऑटो इंडस्ट्री 6-8% की दर से बढ़कर $300 बिलियन तक पहुंच सकती है और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटो मार्केट बन सकती है। वहीं, ट्रैक्टर सेगमेंट में भी 10% से अधिक की CAGR से ग्रोथ की उम्मीद है, जो भारत के एग्रीकल्चरल ट्रैक्टर मशीनरी मार्केट को 2026 तक $3.99 बिलियन तक पहुंचा सकता है। अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए एमिशन नॉर्म्स (TREM V) ट्रैक्टरों की प्री-बाइंग को भी बढ़ावा दे सकते हैं।
M&M का P/E (प्राइस-टू-अर्निंग) रेशियो फरवरी 2026 तक लगभग 26.1 से 33.09 के बीच है, जो इंडस्ट्री एवरेज 30.39 से थोड़ा ऊपर है। यह दिखाता है कि निवेशक कंपनी की भविष्य की ग्रोथ पर दांव लगा रहे हैं। इस बीच, Competitors जैसे Maruti Suzuki का P/E करीब 31.59 है, जबकि TVS Motor का P/E 57.75 है, जो उसकी EV योजनाओं को दर्शाता है। M&M की सब्सिडियरी, Mahindra Finance ने भी आय 14% बढ़ाई, लेकिन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 10% गिर गया।
भविष्य की राह और चुनौतियां
एनालिस्ट्स M&M के भविष्य को लेकर सतर्कता से आशावादी हैं। MarketsMOJO ने स्टॉक को 'Buy' रेटिंग दी है, जबकि Motilal Oswal ने ₹4,521 के टारगेट प्राइस के साथ 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है। वे FY25-28E के लिए रेवेन्यू में 19%, EBITDA में 18% और PAT में 21% की CAGR ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं।
हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं। रेवेन्यू में उम्मीद से कम प्रदर्शन, लेबर कोड जैसे एक बार के खर्च और बढ़ती प्रतिस्पर्धा मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। कंपनी द्वारा नागपुर में ₹15,000 करोड़ का किया जा रहा नया कैपेक्स (Capex) लंबी अवधि के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन शुरुआती दौर में यह फ्री कैश फ्लो पर असर डाल सकता है। इनपुट कॉस्ट इन्फ्लेशन और कॉम्पिटिशन का बढ़ना भी जारी रहने वाली समस्याएं हैं। इसके अलावा, कंपनी में प्रमोटर होल्डिंग का 18.4% होना भी कॉर्पोरेट गवर्नेंस के नजरिए से ध्यान देने योग्य है।
कुल मिलाकर, M&M का डायवर्सिफाइड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो, मजबूत मार्केट शेयर और R&D में निवेश भविष्य में ग्रोथ के इंजन साबित हो सकते हैं, बशर्ते कंपनी इन चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक कर सके।