Anish Shah के नेतृत्व में Mahindra का शानदार सफर
Mahindra & Mahindra (M&M) के ग्रुप CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर Anish Shah के पांच साल के कार्यकाल में कंपनी ने जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन देखा है। कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन में भारी बढ़ोतरी हुई और मार्च 2026 तक यह अनुमानित ₹3.74 लाख करोड़ (लगभग 44.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गई। कंपनी की यह शानदार परफॉरमेंस मुख्य रूप से रणनीतिक सफलताओं की वजह से रही, जिसमें SUV सेगमेंट में डोमिनेंट पोजीशन हासिल करना शामिल है। FY25 में M&M ने SUV सेगमेंट में 22.5% रेवेन्यू मार्केट शेयर अपने नाम किया।
FY25 के लिए कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) सालाना आधार पर 20% बढ़कर ₹12,929 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹1,59,211 करोड़ दर्ज किया गया। शेयरहोल्डर्स को भी फायदा हुआ, FY25 के लिए डिविडेंड 20% बढ़कर ₹25.3 प्रति शेयर हो गया। जनवरी 2026 की शुरुआत में कंपनी के शेयर की कीमत ₹3,839.90 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई, जो निवेशकों का भरोसा दिखाता है।
SUV पर फोकस और कोर बिज़नेस की मजबूती
इस ट्रांसफॉर्मेशन की कुंजी कोर बिज़नेस सेगमेंट, खासकर SUVs और ट्रैक्टर्स पर स्पष्ट फोकस रही है। XUV700 जैसे व्हीकल्स का लॉन्च, जिनकी तुलना BMW X5 जैसे प्रीमियम मॉडल्स से की जाती है, Mahindra को यूटिलिटी व्हीकल मेकर से लाइफस्टाइल ब्रांड के तौर पर री-ब्रांड करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इस रणनीति ने FY25 में M&M को SUV सेगमेंट में रेवेन्यू मार्केट शेयर में लीड करने में मदद की। ट्रैक्टर बिज़नेस ने भी लगातार मजबूत प्रदर्शन किया, FY25 में 43.3% का रिकॉर्ड मार्केट शेयर हासिल किया, जो आर्थिक उतार-चढ़ाव के दौर में स्थिरता प्रदान करता है। फाइनेंशियल सर्विसेज सेगमेंट ने भी एसेट क्वालिटी में सुधार देखा, जिसमें स्टेज 3 एसेट्स में काफी गिरावट आई।
मार्केट में बदलाव और कड़ी प्रतिद्वंद्विता
इन उपलब्धियों के बावजूद, ऑटोमोटिव सेक्टर अब एक एडजस्टमेंट के दौर में प्रवेश कर रहा है। आने वाले समय में ग्रोथ धीमी रहने का अनुमान है, जिसमें भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के FY27 में 3-6% बढ़ने की उम्मीद है, जो FY26 की तुलना में कम है। यह तब हो रहा है जब प्रतिद्वंद्वी भी आक्रामक रूप से मार्केट शेयर हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। Maruti Suzuki, 2020-2025 के दौरान कुछ ओवरऑल मार्केट शेयर खोने के बावजूद, FY25 में पैसेंजर व्हीकल मार्केट का लगभग 40.6% हिस्सा रखती है और SUV सेगमेंट में बड़े विस्तार की योजना बना रही है। Hyundai एक मजबूत कॉम्पिटीटर बनी हुई है, जिसकी FY25 की सेल्स में 68.5% हिस्सा SUVs का रहा और यह दूसरी सबसे बड़ी OEM बनी हुई है। इस इंटेंस कॉम्पिटिशन में लीडरशिप बनाए रखने के लिए लगातार इनोवेशन और मजबूत एग्जीक्यूशन की जरूरत है।
जनवरी 5, 2026 को लॉन्च हुई अपडेटेड XUV700, जिसे अब XUV 7XO कहा जा रहा है, का लक्ष्य अपनी अपील को और बढ़ाना है। प्रतिद्वंद्वी भी ADAS और सनरूफ जैसे प्रीमियम फीचर्स के साथ नए मॉडल्स लॉन्च कर रहे हैं, जिनकी कंज्यूमर्स में काफी डिमांड है।
चुनौतियां: EV में निवेश और मार्जिन पर दबाव
Mahindra की भविष्य की क्षेत्रों, खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) में महत्वाकांक्षी योजनाएं बड़े खर्च की मांग करती हैं। लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण EV प्लेटफॉर्म्स को डेवलप और स्केल करना, फाइनेंशियल डिसिप्लिन के लिए एक चुनौती पेश करेगा। 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत के मार्केट कैपिटलाइजेशन के आंकड़े $39 बिलियन से $48 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹3.2 से ₹4 लाख करोड़) की रेंज में थे, जिसमें मार्च-अप्रैल 2026 तक P/E रेशियो लगभग 20-25 था। यह वैल्यूएशन, हालांकि बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन यह बताता है कि भविष्य की महत्वपूर्ण ग्रोथ को पहले से ही उम्मीद की जा रही है।
XUV700 की सफलता से दिखे प्रीमियम प्राइस और मार्जिन्स को बनाए रखना, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और संभावित सप्लाई चेन की दिक्कतों के बीच मुश्किल होगा। पिछले प्रोडक्ट लॉन्च, जैसे 2021 के अंत में XUV700, ने शुरुआती दौर में निवेशकों की मजबूत रुचि देखी थी, लेकिन स्थायी बढ़त के लिए लगातार प्रोडक्ट डिलीवरी और अनुकूल मार्केट कंडीशंस की जरूरत होगी। साथ ही, FY27 के लिए अनुमानित मार्केट स्लोडाउन सभी सेगमेंट्स में डिमांड को प्रभावित कर सकता है, जिससे रेवेन्यू और प्रॉफिट पर असर पड़ सकता है।
आगे का रास्ता: EVs और मार्केट ट्रेंड्स
Mahindra मुख्य क्षेत्रों में अपनी लीडरशिप का विस्तार करने के साथ-साथ अपने EV लाइनअप और रियल एस्टेट सहित नए वेंचर्स को भी बढ़ाना चाहती है। कंपनी भारत में बढ़ते व्हीकल यूज और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ से फायदा उठाने का लक्ष्य रखती है। एनालिस्ट्स बताते हैं कि सेक्टर का मीडियम-टर्म आउटलुक इलेक्ट्रीफिकेशन और रिप्लेसमेंट डिमांड जैसे फैक्टर्स से समर्थित है, लेकिन ग्रोथ मिड-सिंगल डिजिट्स में लौटानी चाहिए। SUVs और ट्रैक्टर्स में अपनी लीडरशिप का लाभ उठाते हुए, महंगी EV ट्रांजिशन को मैनेज करना, Mahindra के लिए स्थायी वैल्यू बनाने में महत्वपूर्ण होगा।