Mahindra & Mahindra की ऑटो डिवीजन ने FY26 के लिए 'मिड-टू-हाई-टीन्स' ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। सप्लाई चेन की बाधाओं को पीछे छोड़ते हुए कंपनी अब रिकॉर्ड बिक्री की ओर बढ़ रही है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में Mahindra & Mahindra की ऑटो डिवीजन ने दमदार संकेत दिए हैं। कंपनी का मानना है कि भारतीय पैसेंजर व्हीकल मार्केट इस साल नए रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। कंपनी के ऑटो डिवीजन के CEO नलिनिकांत गोलगुंटा का कहना है कि बाजार में इस समय जो मोमेंटम है, वह पुराने वॉल्यूम रिकॉर्ड्स को तोड़ने के लिए काफी है। महंगाई के दबाव के बावजूद इंडस्ट्री में व्हीकल की कीमतें प्रतिस्पर्धी बनी हुई हैं, जिससे ग्राहकों की डिमांड बरकरार है।
नई टेक्नोलॉजी और SUV पर दांव
कंपनी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पोर्टफोलियो को लगातार रिफ्रेश कर रही है। खासकर SUV सेगमेंट में, जहां कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है। इसी कड़ी में 3-डोर Thar को अपडेट किया गया है, जिसमें अब Thar Roxx वाले फीचर्स जैसे M_Glyde 4G प्लेटफॉर्म और बेहतर सस्पेंशन दिए गए हैं। यह कंपनी की रणनीति है कि ऑफ-रोड क्षमता के साथ-साथ शहर में चलने के लिए आरामदायक गाड़ियों का सही तालमेल बिठाया जाए।
प्रोडक्शन और इन्वेंटरी मैनेजमेंट
जून और जुलाई के महीनों में कंपनी को टियर-2 सप्लायर्स के स्तर पर कुछ रुकावटों का सामना करना पड़ा था, जिससे प्रोडक्शन प्रभावित हुआ। हालांकि, अगस्त तक कंपनी ने इन दिक्कतों को दूर कर लिया है और अब प्रोडक्शन लगभग पीक क्षमता पर है। फेस्टिव सीजन को भुनाने के लिए कंपनी पूरी ताकत लगा रही है।
इस समय डीलर इन्वेंटरी 33 से 35 दिन के लेवल पर है। इंडस्ट्री का मानक 1 महीने का होता है, लेकिन मैनेजमेंट का मानना है कि फेस्टिव डिमांड को देखते हुए यह स्टॉक लेवल मैनेज किया जा सकता है। निवेशक अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या डिमांड के मुकाबले इन्वेंटरी तेजी से बिकती है या डिस्काउंटिंग का दबाव बढ़ता है।
कॉम्पिटिशन का गणित
भारतीय मार्केट में Maruti Suzuki और Tata Motors के साथ महिंद्रा का मुकाबला काफी कड़ा है। कंपनी की ग्रोथ का असली इम्तिहान आने वाले फेस्टिव क्वार्टर में होगा। अगर रिटेल डिमांड प्रोडक्शन के साथ तालमेल बिठाती है, तो कंपनी अपने मिड-टू-हाई-टीन्स ग्रोथ के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेगी।
