मार्च की मजबूत बिक्री और Q3 नतीजों ने दी दस्तक
Mahindra & Mahindra (M&M) ने मार्च 2026 का महीना शानदार नतीजों के साथ खत्म किया है। कंपनी का प्रोडक्शन 13.2% बढ़कर 1,02,701 यूनिट रहा, जबकि मासिक बिक्री 22.3% उछलकर 1,00,194 यूनिट पर पहुंच गई। इस तेजी का असर तीसरे क्वार्टर (Q3 FY26) पर भी दिखा, जहाँ कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 33% की जोरदार बढ़ोतरी के साथ ₹3,931 करोड़ दर्ज किया गया। यह मार्केट एनालिस्ट्स की ₹3,885 करोड़ की उम्मीद से भी बेहतर था। कंपनी के रेवेन्यू में भी 26% का इजाफा हुआ। इन शानदार नतीजों में खरीदारों द्वारा गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में मिली छूट का फायदा उठाने का भी बड़ा हाथ रहा, जिसने डिमांड को बढ़ावा दिया। M&M को न्यू लेबर कोड्स के लागू होने के चलते ₹98 करोड़ का एक बार का खर्च भी उठाना पड़ा। इन नतीजों के बाद, NSE पर M&M के शेयर 3% चढ़कर ₹3259.80 पर बंद हुए।
SUV पोर्टफोलियो में बदलाव और सेक्टर ट्रेंड्स
कंपनी के SUV पोर्टफोलियो में एक बड़ा बदलाव देखा गया है। पारंपरिक XUV700 (डीजल) की बिक्री में भारी गिरावट आई है, जो मार्च 2025 के 5,539 यूनिट से घटकर मार्च 2026 में सिर्फ 26 यूनिट रह गई। इसकी जगह नए XUV7XO वेरिएंट्स ने ली है, जिन्होंने मार्च 2026 में 9,100 से ज्यादा की बिक्री दर्ज की। जनवरी 2026 में लॉन्च हुए XUV7XO ने डिलीवरी शुरू होने के कुछ ही समय में 20,000 यूनिट्स का आंकड़ा पार कर लिया, और इसके डीजल वेरिएंट्स बुकिंग में 75% हिस्सेदारी के साथ काफी लोकप्रिय साबित हुए। Thar और Thar Roxx की डिमांड भी बढ़ी, जिनकी बिक्री पिछले साल के 7,375 यूनिट से बढ़कर 10,212 यूनिट हो गई। Scorpio (डीजल) भी 14,059 यूनिट के साथ एक अहम योगदानकर्ता बना रहा। M&M की इलेक्ट्रिक ओरिजिन SUV की बिक्री पिछले साल के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा रही। हालांकि, कंपनी के एक्सपोर्ट में करीब 7% की गिरावट आई और यह 4,042 यूनिट पर आ गया, जो कंपनी के एक्सपोर्ट ग्रोथ के लक्ष्य के विपरीत है। कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट ने स्थिर प्रदर्शन किया। वहीं, भारतीय ऑटो सेक्टर में FY2026-27 में ग्रोथ के धीमे पड़ने का अनुमान है, जिसमें पैसेंजर व्हीकल ग्रोथ 4-6% के बीच रहने की उम्मीद है। इस धीमी ग्रोथ की एक वजह GST लाभों का असर कम होना और पिछले साल के मुकाबले कठिन तुलना (tougher year-on-year comparisons) भी है।
अंदरूनी चिंताएं और भविष्य की चुनौतियाँ
हालांकि, ऊपरी तौर पर आंकड़े भले ही अच्छे दिख रहे हों, लेकिन कुछ चिंताएं भी हैं। पारंपरिक XUV700 की बिक्री में भारी गिरावट और नए XUV7XO पर अत्यधिक निर्भरता, प्रोडक्ट लाइफसाइकिल में तेजी और महंगे बदलाव का संकेत देती है। मौजूदा सेल्स बूस्ट मुख्य रूप से GST जैसी सरकारी छूटों पर टिका है। जैसे-जैसे ये छूटें कम होंगी, अफोर्डेबिलिटी और डिमांड पर असर पड़ सकता है, खासकर जब इंडस्ट्री की ग्रोथ धीमी हो रही हो। न्यू लेबर कोड्स से जुड़ा ₹98 करोड़ का एकमुश्त खर्च भविष्य में ऑपरेटिंग खर्चों को बढ़ा सकता है, जो प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है, खासकर अगर कच्चे माल की लागत बढ़ती है। एक्सपोर्ट में आई गिरावट भी चिंता का विषय है, जो अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में मुश्किलों या डोमेस्टिक सेल्स पर अधिक फोकस का संकेत देता है। वहीं, Tata Motors और Maruti Suzuki जैसी कंपनियों ने भी मजबूत बिक्री दर्ज की है, जिसमें Tata Motors ने EV सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ दिखाई है।
एनालिस्ट्स का नज़रिया और संभावित जोखिम
एनालिस्ट्स Mahindra & Mahindra को लेकर ज्यादातर आशावादी हैं। 'स्ट्रॉन्ग बाय' की कंसेंसस रेटिंग और ₹3,200 से लेकर ₹4,234.59 तक के एवरेज 12-महीने के प्राइस टारगेट, इसमें और तेजी की गुंजाइश दिखाते हैं। लंबी अवधि के अनुमानों के अनुसार, अगर कंपनी के मुनाफे में पूरी रिकवरी आती है और सेक्टर की डिमांड स्थिर रहती है, तो अगले दो से तीन सालों में शेयर ₹4,000-₹5,000 तक पहुंच सकता है। भविष्य में ग्रोथ के संभावित चालक नए इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के ऑर्डर बुक और फार्म इक्विपमेंट सेक्टर में रिकवरी हो सकते हैं। हालांकि, ग्लोबल इकोनॉमिक चुनौतियां, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और निकट भविष्य में कंपनी के अर्निंग टारगेट चूकने का जोखिम बना हुआ है। 8 अप्रैल 2026 तक कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹4.44 लाख करोड़ था, और हाल ही में इसका शेयर अपने 200-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा था।