Mahindra & Mahindra Q3: मुनाफा **38.5%** चढ़ा, रेवेन्यू में **24.4%** की जोरदार उछाल

AUTO
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Mahindra & Mahindra Q3: मुनाफा **38.5%** चढ़ा, रेवेन्यू में **24.4%** की जोरदार उछाल
Overview

Mahindra & Mahindra (M&M) के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू Q3 FY26 में **24.4%** बढ़कर **₹51,580 करोड़** पर पहुंच गया, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में **38.5%** की ज़बरदस्त उछाल के साथ यह **₹5,021 करोड़** दर्ज किया गया। ऑटोमोटिव सेगमेंट ने इस कमाल की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई।

₹51,580 करोड़ रेवेन्यू, ₹5,021 करोड़ का मुनाफा: M&M के शानदार Q3 नतीजे

Mahindra & Mahindra Limited (M&M) ने दिसंबर 31, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने सभी प्रमुख मोर्चों पर मजबूत साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ दर्ज की है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत है।

नतीजों पर एक नज़र:

  • रेवेन्यू में ज़बरदस्त उछाल: Q3 FY26 के लिए, M&M का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के ₹41,464.98 करोड़ से बढ़कर ₹51,579.95 करोड़ हो गया, जो 24.4% की बड़ी छलांग है। वहीं, नौ महीनों के लिए रेवेन्यू ₹1,42,901.23 करोड़ पर पहुंच गया, जो 23.0% ज्यादा है।
  • मुनाफे में रिकॉर्ड बढ़ोतरी: कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 38.5% की जोरदार वृद्धि देखी गई, जो पिछले साल के ₹3,624.48 करोड़ से बढ़कर ₹5,021.47 करोड़ हो गया। नौ महीनों में PAT 26.9% बढ़कर ₹13,361.80 करोड़ रहा।
  • शेयरधारकों के लिए और अच्छी खबर: कंपनी के मालिकों को मिलने वाला PAT 47.0% बढ़कर ₹4,674.64 करोड़ हो गया। बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹28.51 से बढ़कर ₹41.85 हो गया।
  • मुनाफे की मार्जिन में सुधार: कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट मार्जिन 8.74% से बढ़कर 9.64% हो गया, जो कंपनी की बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी दिखाता है।
  • स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस भी मजबूत: स्टैंडअलोन आधार पर, रेवेन्यू 25.8% बढ़कर ₹38,941.65 करोड़ रहा और PAT 32.6% बढ़कर ₹3,931.30 करोड़ दर्ज किया गया। स्टैंडअलोन EPS ₹32.72 रहा और नेट प्रॉफिट मार्जिन 10.10% पर पहुंचा।

खास खर्चे और नतीजों की क्वालिटी:

कंपनी के नतीजों पर कुछ खास खर्चों (Exceptional Items) का असर पड़ा है। नए लेबर कोड के कारण रिटायरल बेनिफिट्स पर ₹292.94 करोड़ का अनुमानित अतिरिक्त खर्च आया। इसके अलावा, फार्म इक्विपमेंट सेगमेंट में कुछ अंतर्राष्ट्रीय ऑपरेशंस की एसेट इम्पेयरमेंट के लिए ₹568.32 करोड़ का चार्ज जोड़ा गया। कुल मिलाकर, इन खास खर्चों से ₹861.26 करोड़ का नुकसान हुआ। स्टैंडअलोन आधार पर, लेबर कोड से संबंधित ₹98.19 करोड़ का नुकसान हुआ।

सेगमेंट का प्रदर्शन:

  • ऑटोमोटिव सेगमेंट का धमाल: यह सेगमेंट सबसे आगे रहा, जिसका रेवेन्यू 29.8% बढ़कर ₹30,370.37 करोड़ हो गया और सेगमेंट रिजल्ट्स 30.1% बढ़कर ₹2,607.31 करोड़ दर्ज किए गए।
  • फार्म इक्विपमेंट में मिलाजुला असर: इस सेगमेंट का रेवेन्यू 20.6% बढ़कर ₹11,500.69 करोड़ हुआ, लेकिन सेगमेंट रिजल्ट्स 5.4% घटकर ₹1,258.74 करोड़ पर आ गए। यह निवेशकों के लिए ध्यान देने वाली बात है।
  • सर्विसेज सेगमेंट का शानदार प्रदर्शन: रेवेन्यू में 14.2% की बढ़त के साथ यह ₹11,635.77 करोड़ पर पहुंचा, वहीं सेगमेंट रिजल्ट्स में 49.7% की जोरदार उछाल के साथ ₹1,828.35 करोड़ दर्ज किए गए।

वित्तीय सेहत और रेश्यो:

  • डेट-इक्विटी रेशियो: कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो सिर्फ 0.05 गुना है, जो इसकी मजबूत बैलेंस शीट और बेहद कम कर्ज को दर्शाता है।
  • इंटरेस्ट सर्विस कवरेज रेशियो: यह रेश्यो पिछले साल के 22.22 गुना से सुधरकर 38.13 गुना हो गया है, जो कर्ज चुकाने की मजबूत क्षमता को दिखाता है।
  • करंट रेशियो: कंपनी का करंट रेशियो 1.35 गुना है।

जोखिम और भविष्य की राह:

हालांकि नतीजे बेहतरीन रहे हैं, निवेशकों की नजर खास खर्चों, खासकर फार्म इक्विपमेंट सेगमेंट में एसेट इम्पेयरमेंट और पर्यावरण संरक्षण (End-of-Life Vehicles) रूल्स 2025 के कार्यान्वयन पर रहेगी, जिसका संभावित प्रभाव अभी पता नहीं है। फार्म इक्विपमेंट सेगमेंट के रिजल्ट्स में गिरावट के कारणों पर भविष्य में बारीकी से नजर रखनी होगी।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.