Mahindra & Mahindra (M&M) ने जून तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन मुनाफा **7%** बढ़कर **₹3,685 करोड़** हो गया है, जो कि एसयूवी (SUV) की ज़बरदस्त डिमांड और ट्रैक्टर की स्थिर बिक्री की वजह से संभव हुआ। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू **23%** उछलकर **₹41,920 करोड़** तक पहुँच गया, क्योंकि M&M ने रणनीतिक मूल्य वृद्धि से बढ़ती इनपुट लागत को संभाला।
SUV सेगमेंट का जलवा!
M&M का शानदार प्रदर्शन मुख्य रूप से इसके एसयूवी (SUV) पोर्टफोलियो की सफलता के कारण रहा है। Scorpio और Thar जैसी गाड़ियों की जबरदस्त मांग ने कंपनी को एंट्री-लेवल पैसेंजर कारें छोड़कर ज़्यादा वैल्यू वाली SUVs पर फोकस करने में मदद की है। ग्राहकों की पसंद के हिसाब से अपने प्रोडक्ट्स को अलाइन करते हुए, M&M ने स्टील और रबर जैसे कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का सामना करने के लिए अप्रैल में अपनी SUVs और कमर्शियल व्हीकल्स की कीमतों में बढ़ोतरी की। इस कदम ने कंपनी को अपने मार्जिन को बनाए रखने में मदद की।
ट्रैक्टर की मांग भी मजबूत
कंपनी का फार्म इक्विपमेंट डिवीजन भी इस तिमाही में एक बड़ा योगदानकर्ता रहा। इस सेगमेंट से रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के ₹9,186 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹10,947 करोड़ हो गया। सरकारी योजनाओं और हाल के टैक्स इंसेंटिव्स द्वारा समर्थित कृषि क्षेत्र में लगातार मांग ने ट्रैक्टर बिज़नेस को बढ़ावा दिया है।
ऑटो सेक्टर में बढ़ती लागत का दबाव
Mahindra & Mahindra की तरह, Tata Motors और Hyundai Motor India जैसी अन्य बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां भी बढ़ती इनपुट लागत को ग्राहकों पर डालने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं। एसयूवी की मांग भले ही मजबूत बनी हुई है, लेकिन ऑटो सेक्टर अभी भी ब्याज दरों और ईंधन की कीमतों के प्रभाव पर नज़र रख रहा है। M&M के लिए, एसयूवी ऑर्डर बुक की लगातार डिलीवरी और ट्रैक्टर की बिक्री का मौसमी प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा, जो मानसून और ग्रामीण आय के स्तर के प्रति संवेदनशील है। निवेशकों की नज़र इस बात पर रहेगी कि कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) डेवलपमेंट और नए प्रोडक्ट्स पर कैपिटल स्पेंडिंग को कैसे मैनेज करती है, साथ ही मैन्युफैक्चरिंग लागत पर बढ़ते महंगाई के दबाव को भी।
