Mahindra & Mahindra ने अपने पीथमपुर प्लांट में नई 'Maxseeder' मशीन का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में पराली जलाने की समस्या को कम करने के लिए बनी यह मशीन खेती की लागत घटाएगी। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर **0.91%** की बढ़त के साथ **₹2,835** पर कारोबार करते दिखे।
तकनीक से बढ़ेगी किसानों की बचत
Mahindra & Mahindra ने मध्य प्रदेश के पीथमपुर में 'Maxseeder' का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। यह मशीन 'जीरो-टिल' (Zero-till) तकनीक पर आधारित है, जो किसानों को धान के अवशेषों को जलाए बिना सीधे बीज बोने की सुविधा देती है। यह तकनीक विशेष रूप से उन इलाकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है जहां पराली जलाना एक बड़ी पर्यावरणीय चुनौती बनी हुई है।
छोटे किसानों के लिए है खास
इस मशीन की सबसे बड़ी खूबी इसकी उपयोगिता है। इसे 35 HP या उससे ज्यादा क्षमता वाले किसी भी ट्रैक्टर के साथ आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए किसानों को महंगी और बड़ी मशीनों की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंपनी का दावा है कि इससे खाद और बीज की खपत में कमी आएगी, जिससे किसानों के मुनाफे में सीधा इजाफा होगा।
निवेशकों की नजर में Farm Equipment बिजनेस
कंपनी के लिए 'Farm Equipment' बिजनेस रेवेन्यू का एक बड़ा जरिया है। हालिया आंकड़ों पर नजर डालें, तो कंपनी का शेयर ₹2,835 के स्तर पर है। हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि इस मशीन की सफलता सरकारी सब्सिडी और मानसून की स्थिति पर निर्भर करेगी। साथ ही, कंपनी की फाइनेंशियल सर्विस आर्म ग्रामीण इलाकों में क्रेडिट मुहैया कराती है, जिस पर कृषि आय की अनिश्चितता का असर पड़ सकता है। फिलहाल, उत्तरी भारत में इसके वितरण की रफ्तार और किसानों का फीडबैक आने वाले समय में स्टॉक की दिशा तय करेगा।
