रेवेन्यू रेस में नई लीडर!
भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में यह एक बड़ा बदलाव है। Mahindra & Mahindra ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल सेल्स से ₹15,089 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया। यह पिछले साल की तुलना में 344% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। इस प्रदर्शन से कंपनी ने EV रेवेन्यू मार्केट शेयर का 34.8% हिस्सा हासिल किया, जो पिछले साल से 17.1 प्रतिशत अंक ज्यादा है।
वहीं, Tata Motors का EV रेवेन्यू इसी अवधि में ₹14,995 करोड़ रहा, जिसमें 72.6% की ग्रोथ देखी गई। Tata Motors का मार्केट शेयर 34.6% रहा, जो 10.6 प्रतिशत अंक कम हुआ। इन दोनों ऑटो दिग्गजों के बीच मात्र ₹94 करोड़ का अंतर Fierce Competition को दर्शाता है। JSW MG Motor India इस रेस में ₹10,194 करोड़ के EV रेवेन्यू के साथ तीसरे स्थान पर रही। कुल मिलाकर, भारतीय EV मार्केट ने 200,000 यूनिट्स के आंकड़े को पार करते हुए 84% की जोरदार ग्रोथ दर्ज की।
वॉल्यूम बनाम रेवेन्यू: असली खेल
हालांकि Mahindra & Mahindra रेवेन्यू में आगे है, लेकिन यूनिट सेल्स (Unit Sales) के मामले में Tata Motors अब भी नंबर वन है। Tata Motors ने 78,811 इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचीं, जो JSW MG Motor India के 53,089 यूनिट्स और Mahindra के 42,721 यूनिट्स से कहीं ज्यादा हैं। यह अंतर दोनों कंपनियों की अलग-अलग स्ट्रेटेजी को दिखाता है। M&M ने नए और ज्यादा वैल्यू वाले SUVs पर फोकस करके रेवेन्यू बढ़ाया है, जबकि Tata Motors अपनी मौजूदा EV लाइनअप के साथ ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हाल ही में लॉन्च हुई Maruti Suzuki e-Vitara, Mahindra XEV 9s और Tata Punch EV जैसी गाड़ियों ने FY26 में EV वॉल्यूम बढ़ाने में मदद की।
EV मार्केट की ग्रोथ और चुनौतियां
भारतीय ऑटो सेक्टर तेजी से इलेक्ट्रिफिकेशन की ओर बढ़ रहा है। सरकारी नीतियां, बेहतर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्राहकों की बढ़ती जागरूकता EV एडॉप्शन को बढ़ावा दे रहे हैं। हालांकि, M&M के लिए इतनी तेज ग्रोथ को बनाए रखना एक चुनौती हो सकती है, खासकर जब बेस बड़ा हो रहा हो। वहीं, Tata Motors को प्रति यूनिट औसत रेवेन्यू बढ़ाने की जरूरत है। JSW MG Motor India जैसे कॉम्पिटिटर्स से भी दबाव है। M&M की मार्केट पोजीशन इस बात पर निर्भर करेगी कि वह रेवेन्यू ग्रोथ को वॉल्यूम और प्रॉफिटेबिलिटी के साथ कैसे संतुलित करती है।
भविष्य की राह और कंपनी की योजनाएं
एनालिस्ट्स (Analysts) का अनुमान है कि भारतीय EV सेक्टर में सरकारी समर्थन और नए मॉडल्स के कारण ग्रोथ जारी रहेगी। Tata Motors अपनी '2:2:2' प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी से वॉल्यूम लीडरशिप बनाए रखना चाहती है, जबकि Mahindra ₹37,000 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) के साथ EV प्रोडक्शन बढ़ाने और नए मॉडल्स लाने पर फोकस कर रही है। कंपनी का लक्ष्य 2027 तक घरेलू SUV सेल्स में 20-30% हिस्सेदारी EV की रखना है। दोनों कंपनियों के P/E रेश्यो (P/E Ratio) में अंतर निवेशकों की अलग-अलग उम्मीदों को दर्शाता है - M&M का P/E 21-23 के आसपास और Tata Motors का 20-63 के बीच रहता है।
