बिक्री के सारे रिकॉर्ड टूटे, पर चिंताएं भी कम नहीं
Mahindra & Mahindra के फार्म इक्विपमेंट (Farm Equipment) डिविजन ने कमाल का प्रदर्शन किया। FY26 में घरेलू ट्रैक्टर की बिक्री 5,05,930 यूनिट्स रही, जो पिछले साल के मुकाबले 24% ज्यादा है। यह कंपनी के लिए अब तक का सबसे मजबूत साल रहा। मार्च 2026 में ही घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 33% बढ़कर 43,403 यूनिट्स तक पहुंच गई। इसका एक बड़ा कारण नवरात्रि त्योहार का इस बार मार्च में पूरी तरह आना भी रहा। वहीं, ऑटोमोटिव सेगमेंट में भी रफ्तार बनी रही, जहां मार्च में यूटिलिटी व्हीकल (Utility Vehicle) की डोमेस्टिक सेल्स 25% बढ़कर 60,272 यूनिट्स पर पहुंच गई। FY26 में एसयूवी (SUV) सेल्स ने 6,60,276 यूनिट्स का ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा, तीन-पहिया (Three-wheeler) सेगमेंट में भी मार्च में 39% की जोरदार ग्रोथ देखने को मिली।
मार्केट में बढ़ी धाक, पर किस कीमत पर?
M&M की ऑटोमोटिव परफॉरमेंस इतनी दमदार रही कि अप्रैल 2025 तक यह रिटेल सेल्स के मामले में Hyundai को पछाड़कर भारत की दूसरी सबसे बड़ी कारमेकर बन गई। एसयूवी सेगमेंट में कंपनी की पकड़ मजबूत हुई है। वहीं, फार्म इक्विपमेंट सेक्टर में M&M वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता है। कृषि क्षेत्र खुद भी तकनीक के मामले में तेजी से बदल रहा है, जहां स्मार्ट फार्मिंग, AI और प्रिसिजन एग्रीकल्चर (Precision Agriculture) जैसे टूल्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है। हालांकि, M&M को John Deere और Kubota जैसे ग्लोबल दिग्गजों से भी कड़ी टक्कर मिल रही है।
मार्जिन पर दबाव और भविष्य की राह
इन शानदार वॉल्यूम ग्रोथ के बावजूद, कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) पर दबाव की चिंताएं बनी हुई हैं। भारत का ऑटोमोटिव सेक्टर जबरदस्त कंपटीशन का अखाड़ा है, जहां Tata Motors जैसी कंपनियां ईवी (EV) और एसयूवी सेगमेंट में तेजी से विस्तार कर रही हैं। मार्केट शेयर बढ़ाने के लिए अक्सर डिस्काउंट और मार्केटिंग पर खर्च बढ़ता है, जो मुनाफे को प्रभावित कर सकता है। फार्म इक्विपमेंट सेगमेंट की नवरात्रि जैसे मौसमी फैक्टर पर निर्भरता इसकी साइक्लिकलिटी (Cyclicality) को भी दर्शाती है। साथ ही, जैसे-जैसे एग्रीकल्चर मशीनरी एडवांस्ड हो रही है और ऑटोनॉमस ट्रैक्टर (Autonomous tractors) आ रहे हैं, ऐसे में लगातार R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) में भारी निवेश की जरूरत पड़ेगी। फरवरी 2026 के अंत में M&M का Mojo Score 'Hold' तक गिर गया था, जो स्टॉक के आउटलुक में संभावित बदलाव का संकेत देता है।
एनालिस्ट्स की राय: अभी भी भरोसा कायम
इन चुनौतियों के बावजूद, एनालिस्ट (Analysts) Mahindra & Mahindra को लेकर काफी हद तक ऑप्टिमिस्टिक (Optimistic) बने हुए हैं। करीब 34-36 एनालिस्ट्स की 'स्ट्रॉन्ग बाय' (Strong Buy) रेटिंग है, और उनका औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट करीब ₹4,300 है, जो 45% से अधिक के संभावित अपसाइड (Upside) का इशारा करता है। यह पॉजिटिव आउटलुक कंपनी की प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत स्थिति, ऑटोमोटिव और फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) और ईवी जैसे भविष्य के विकास पर फोकस से समर्थित है। यह देखना अहम होगा कि कंपनी कंपटीशन को कैसे हैंडल करती है और अपनी बढ़ती सेल्स को बेहतर मुनाफे में कैसे बदल पाती है।