Mahindra & Mahindra ने अपने इलेक्ट्रिक SUV पोर्टफोलियो के लिए एक नई बैटरी फाइनेंसिंग (BaaS) मॉडल पेश की है। इससे गाड़ियों की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत में **₹8 लाख** तक की बड़ी कटौती हुई है, ताकि इलेक्ट्रिक और पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के बीच के दाम का अंतर कम हो सके।
क्या है नया BaaS मॉडल?
Mahindra & Mahindra ने अपनी 'इलेक्ट्रिक ओरिजिन' SUVs जैसे BE 6 SPORTEQ, XEV 9S और XEV 9e के लिए बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) स्ट्रक्चर लॉन्च किया है। कंपनी ने गाड़ी की कीमत से बैटरी की कॉस्ट को अलग कर दिया है, जिससे BE 6 SPORTEQ की शुरुआती कीमत घटकर अब ₹11.45 लाख रह गई है।
कैसे काम करेगा यह फाइनेंस?
इस मॉडल में ग्राहक को बैटरी के लिए एक बार में पेमेंट नहीं करना होगा। कंपनी ने बैटरी का इस्तेमाल चार्ज ₹3.75 प्रति किलोमीटर तय किया है। अगर कोई ग्राहक रोजाना औसतन 60 किमी चलता है, तो उसकी बैटरी EMI मात्र ₹6,975 प्रति महीना से शुरू होगी। गौर करने वाली बात यह है कि यह कोई 'रेंटल' स्कीम नहीं बल्कि एक 'ड्यूल-लोन' स्ट्रक्चर है, जिसमें बैटरी की वारंटी पहले की तरह ही बनी रहेगी।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें और रिस्क
- कॉम्प्लेक्सिटी: यह एक ड्यूल-लोन स्ट्रक्चर है, इसलिए ग्राहकों को दोनों लोन के लिए अलग-अलग क्रेडिट चेक से गुजरना होगा, जो खरीदारी की प्रक्रिया को थोड़ा लंबा बना सकता है।
- ओनरशिप का पेंच: ग्राहक बैटरी का मालिक नहीं होगा, बल्कि उसे लंबे समय तक पेमेंट ऑब्लिगेशन (दायित्व) पूरा करना होगा।
- रीसेल वैल्यू: भविष्य में गाड़ी बेचने या लोन ट्रांसफर करने में सामान्य कार लोन के मुकाबले ज्यादा कागजी कार्रवाई और मुश्किलें आ सकती हैं।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि महिंद्रा की यह रणनीति इलेक्ट्रिक गाड़ियों को आम खरीदारों के बजट में लाने की एक बड़ी कोशिश है। हालांकि, आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि क्या ग्राहक इस जटिल फाइनेंसिंग स्ट्रक्चर को अपनाकर कंपनी की सेल्स वॉल्यूम बढ़ाने में मदद करते हैं या नहीं।
