Mahindra Last Mile Mobility (MLMML) ने ई-व्हीकल सेक्टर में अपनी धाक जमाने के लिए बड़ा लक्ष्य रखा है। कंपनी का टारगेट 2030 तक थ्री-व्हीलर कैटेगरी में **80%** इलेक्ट्रिक वाहनों का पोर्टफोलियो तैयार करना है, साथ ही 2027 तक IPO लाने की तैयारी भी तेज हो गई है।
बाजार में दबदबा और विस्तार की राह
Mahindra & Mahindra की इलेक्ट्रिक आर्म, Mahindra Last Mile Mobility (MLMML) ने L5 थ्री-व्हीलर कैटेगरी में अपनी बादशाहत कायम रखी है। कंपनी का मौजूदा मार्केट शेयर 40% है और अब तक कंपनी 4 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेच चुकी है। कंपनी का मानना है कि ग्राहकों को मिलने वाली कम लागत (Total Cost of Ownership) और सरकारी प्रोत्साहन की वजह से यह इलेक्ट्रिक ट्रांजिशन और तेज होगा।
अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए कंपनी Zaheerabad और Haridwar में प्रोडक्शन स्केल बढ़ा रही है। इतना ही नहीं, अगले 2 सालों में कंपनी 8 नए इलेक्ट्रिक मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है।
IPO और वैल्यूएशन का गणित
कंपनी की CEO सुमन मिश्रा ने साफ कर दिया है कि वे अगले 12 से 18 महीनों के भीतर पब्लिक लिस्टिंग की प्रक्रिया पर काम कर रही हैं, जिससे 2027 में कंपनी के शेयर बाजार में उतरने की राह साफ हो सकती है। हालिया फंड जुटाने के बाद कंपनी की वैल्यूएशन लगभग ₹10,822 करोड़ आंकी गई है। हालांकि, मार्केट की स्थितियां और कंपनी की तैयारी ही फाइनल लिस्टिंग की टाइमिंग तय करेंगी।
निवेश से पहले रिस्क फैक्टर
निवेशकों को इस सेक्टर में एक बात ध्यान रखनी होगी: यह इंडस्ट्री PM E-DRIVE जैसी सरकारी पॉलिसी और सब्सिडी पर काफी हद तक निर्भर है। सरकारी मदद में किसी भी तरह का बदलाव मुनाफे पर असर डाल सकता है। साथ ही, पारंपरिक ऑटो कंपनियों और नए प्लेयर्स के बीच बढ़ता मुकाबला कंपनी के लिए चुनौती बना रहेगा।
