Mahindra Last Mile Mobility (MLMM) ने ₹10,822 करोड़ यानी $1.24 बिलियन का मूल्यांकन हासिल कर लिया है और अब यह एक यूनिकॉर्न बन गई है। यह बड़ी उपलब्धि नए फंडिंग राउंड के बाद मिली है। कंपनी अपनी सहायक कंपनी Mahindra & Mahindra के तहत 2027 की दूसरी छमाही में IPO लाने की योजना बना रही है। इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी **40%** है।
₹10,822 करोड़ की वैल्यूएशन के साथ MLMM बनी यूनिकॉर्न!
Mahindra Group की सहायक कंपनी Mahindra Last Mile Mobility (MLMM) ने ₹10,822 करोड़ (लगभग $1.24 बिलियन) के मूल्यांकन के साथ यूनिकॉर्न क्लब में एंट्री मार ली है। यह उपलब्धि हाल ही में हुए फंडिंग राउंड में मिली है। इस राउंड में ₹322 करोड़ का निवेश Lightrock ने लीड किया, जबकि IFC और India-Japan Fund जैसे मौजूदा निवेशकों ने भी भाग लिया। इस ट्रांजेक्शन के बाद, Mahindra & Mahindra की इस इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) यूनिट में हिस्सेदारी घटकर लगभग 75.79% रह जाएगी, जो पहले 78.11% थी।
शानदार फाइनेंशियल और ऑपरेशनल ग्रोथ
कंपनी का बिजनेस परफॉर्मेंस कमर्शियल सेक्टर में इलेक्ट्रिक व्हीकल की ओर बढ़ते रुझान को दिखाता है। फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में MLMM ने ₹4,798 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो FY24 के ₹2,367 करोड़ से काफी ज्यादा है। इसी अवधि में नेट प्रॉफिट ₹185 करोड़ रहा। कंपनी का बिजनेस मॉडल हाई व्हीकल यूटिलाइजेशन पर टिका है, क्योंकि इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर कम ऑपरेटिंग कॉस्ट के कारण कमर्शियल ऑपरेटर्स की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
MLMM ने FY26 में 136,000 से अधिक व्हीकल बेचे, जिनमें 100,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक मॉडल थे। कंपनी की L5 सेगमेंट (हाई-स्पीड, हैवी-ड्यूटी कमर्शियल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर) में 40% की मार्केट शेयर है। पिछले दो सालों में इस सेगमेंट में इलेक्ट्रिक पेनिट्रेशन लगभग 40% तक बढ़ गया है, जो पैसेंजर कारों के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से हुआ है।
IPO की ओर रणनीतिक कदम
इस फंडिंग के साथ, मैनेजमेंट अब 2027 की दूसरी छमाही में कंपनी को पब्लिक लिस्टिंग के लिए तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। जुटाए गए कैपिटल का उपयोग प्रोडक्ट डेवलपमेंट और कैपेसिटी एक्सपेंशन में किया जाएगा, ताकि कंपनी कमर्शियल EV स्पेस में अपनी लीड बनाए रख सके। कंपनी UDO और Zor Grand Range+ के नए वर्शन जैसे प्रोडक्ट्स लॉन्च कर रही है, ताकि अलग-अलग प्राइस पॉइंट्स पर अपनी मौजूदगी मजबूत कर सके।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें और जोखिम
हालांकि कंपनी ने मजबूत ग्रोथ दिखाई है, निवेशकों को कॉम्पिटिटिव माहौल पर नजर रखनी चाहिए। कमर्शियल EV मार्केट में नए प्लेयर्स और पुराने दिग्गजों के आने से मार्जिन या मार्केट शेयर पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी की ग्रोथ सरकारी नीतियों और EV सब्सिडी पर भी निर्भर करती है। रेगुलेटरी सपोर्ट में कोई भी बदलाव या इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर को अपनाने की रफ्तार में कमी भविष्य के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकती है। साथ ही, कंपनी को ऑपरेशन्स को स्केल करने और 2027 के IPO लक्ष्य को पूरा करने से जुड़े सामान्य एक्जीक्यूशन जोखिमों का भी सामना करना पड़ेगा, जो उस समय के व्यापक इक्विटी मार्केट की स्थितियों पर भी निर्भर करेगा।
