EV सेल्स में ज़बरदस्त उछाल
Mahindra & Mahindra अपनी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बिक्री में दमदार प्रदर्शन कर रही है। कंपनी की इलेक्ट्रिक SUV की बिक्री अप्रैल 2026 में पिछले साल के 2,991 यूनिट से बढ़कर 6,023 यूनिट हो गई। यह 100% से ज़्यादा की वृद्धि है। इस सेगमेंट में बढ़ती पैठ के साथ, M&M दूसरी सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल निर्माता बन गई है, जिसने 5,413 यूनिट बेचे। Tata Motors इस मामले में 8,543 यूनिट के साथ पहले स्थान पर रही। भारतीय EV पैसेंजर व्हीकल मार्केट कुल मिलाकर 75% बढ़कर 23,506 यूनिट पर पहुंच गया, जो कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री का 5.8% है।
कमर्शियल गाड़ियों और एक्सपोर्ट्स में भी बढ़त
सिर्फ पैसेंजर EVs ही नहीं, M&M के कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट की बिक्री भी 26,401 यूनिट रही। कंपनी के एक्सपोर्ट्स में भी जबरदस्त 47% की बढ़ोतरी देखी गई, जो 5,007 यूनिट तक पहुंच गए। इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर सेगमेंट में भी Treo की बिक्री बढ़ी है और नए Udo मॉडल ने भी योगदान दिया है।
वैल्यूएशन पर निवेशकों की पैनी नजर
जहां एक ओर M&M की बिक्री के आंकड़े मजबूत दिख रहे हैं, वहीं निवेशकों की नजरें कंपनी के वैल्यूएशन पर टिकी हैं। फिलहाल, कंपनी का P/E Ratio (Price-to-Earnings Ratio) 21.6 से 25.7 के बीच (TTM) चल रहा है। एनालिस्ट्स इसे एक मॉडरेट वैल्यूएशन मानते हैं, लेकिन कुछ का कहना है कि यह अपने 3-साल के औसत से थोड़ा ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसका मतलब है कि बाजार कंपनी से भविष्य में, खासकर कैपिटल-इंटेंसिव EV मैन्युफैक्चरिंग से, मजबूत ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है। कुछ विश्लेषणों के अनुसार, मौजूदा P/E मल्टीपल्स के आधार पर स्टॉक अपनी अनुमानित उचित वैल्यू से थोड़ा महंगा हो सकता है।
बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मार्जिन की चिंता
मजबूत बिक्री के बावजूद, EV स्पेस में कॉम्पिटिशन बहुत कड़ा है। M&M की Q4 FY26 नतीजों में, कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट तो बढ़ा, लेकिन ऑटोमोटिव सेगमेंट के EBITDA मार्जिन्स में थोड़ी कमी आई है। Q4 FY26 में नेट प्रॉफिट में थोड़ी गिरावट भी देखी गई थी। एनालिस्ट्स का रुख ज़्यादातर पॉजिटिव है, 'Buy' रेटिंग्स और टारगेट प्राइस (औसत 12-महीने का टारगेट 39% तक के अपसाइड का संकेत देता है), लेकिन कुछ एनालिस्ट्स बड़े डाउनसाइड रिस्क की भी चेतावनी दे रहे हैं।
आउटलुक
आगे चलकर, एनालिस्ट्स का नजरिया फिलहाल सकारात्मक है। कंपनी की आक्रामक EV विस्तार योजना, यूटिलिटी व्हीकल्स में मजबूती और मजबूत प्रोडक्ट पाइपलाइन इस उम्मीद का आधार हैं। हालांकि, EV बिक्री को टिकाऊ प्रॉफिटेबिलिटी में बदलना और तेजी से बदलते ऑटो सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा को पार करना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
