महाराष्ट्र सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आधुनिक बनाने के लिए अगले 4 सालों में 50,000 इलेक्ट्रिक बसें उतारने का बड़ा प्लान पेश किया है। इसमें EKA Mobility और Pinnacle Industries की मुख्य भूमिका होगी।
बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी
महाराष्ट्र सरकार का लक्ष्य पुराने डीजल बेड़े को हटाकर पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों को अपनाना है। इस प्लान के तहत 30,000 बसें MSRTC को और 10,000 बसें BMC को दी जाएंगी। इसके अलावा पुणे और नागपुर जैसे बड़े शहरों पर भी खास फोकस रहेगा।
मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट
इस मांग को पूरा करने के लिए EKA Mobility और Pinnacle Industries ने पुणे में 6 नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स शुरू की हैं। अब इनकी कुल 11 प्लांट्स के जरिए सालाना 40,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बनाने की क्षमता होगी। इस पूरे प्रोजेक्ट में ₹3,500 करोड़ का निवेश किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत के तहत लोकल सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।
चार्जिंग का चैलेंज और समाधान
ट्रांसपोर्ट ऑपरेशंस को किफायती बनाने के लिए सरकार चार्जिंग टैरिफ को कम करने पर काम कर रही है। अभी नेशनल हाईवे पर चार्जिंग का खर्च ₹22 प्रति यूनिट है, जिसे घटाकर दिन के समय ₹5 प्रति यूनिट तक लाने की योजना है। इसके लिए सरकार अपनी सरप्लस सोलर पावर का इस्तेमाल करेगी और 2030 तक 46 GW अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
इन्वेस्टर्स की नजर MSRTC जैसी सरकारी संस्थाओं की वित्तीय सेहत पर है। इलेक्ट्रिक बसों की भारी कैपिटल कॉस्ट और इन संस्थाओं का पिछला रिकॉर्ड देखते हुए, एक सस्टेनेबल फंडिंग मॉडल तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती है। साथ ही, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की तेजी से तैनाती इस पूरे प्रोजेक्ट की कामयाबी तय करेगी।
