महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा परमिट पर रोक
महाराष्ट्र सरकार ने नए ऑटो-रिक्शा परमिट जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस कदम को 'सैचुरेशन मैनेजमेंट' (saturation management) यानी बाज़ार में भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। इस खबर का असर Bajaj Auto के शेयरों पर तुरंत दिखा, और स्टॉक में 2% की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट हालिया कमजोरी का ही हिस्सा है।
हाई-मार्जिन थ्री-व्हीलर बिजनेस पर खतरा
यह नीतिगत बदलाव Bajaj Auto के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी का महाराष्ट्र में इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) वाले थ्री-व्हीलर सेगमेंट में 87% का दबदबा है। ब्रोकरेज फर्म UBS के मुताबिक, इस सेगमेंट से कंपनी को 30% से भी ज्यादा का मार्जिन मिलता है। राज्य कंपनी के डोमेस्टिक ICE थ्री-व्हीलर वॉल्यूम का 17% और उसके कुल थ्री-व्हीलर वॉल्यूम का 15% हिस्सा रखता है, इसलिए महाराष्ट्र का यह फैसला कंपनी की कमाई के लिए अहम है।
UBS की 'Sell' रेटिंग और आगे की राह
इस डेवलपमेंट को देखते हुए, UBS ने Bajaj Auto पर अपनी 'Sell' रेटिंग को बनाए रखा है। फर्म ने शेयर के लिए ₹9,015 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 6% की और गिरावट का संकेत दे सकता है। हालांकि, बाज़ार में अन्य विश्लेषकों की राय थोड़ी अलग है, जहाँ 46 में से 27 एनालिस्ट 'Buy' की सलाह दे रहे हैं। फिर भी, रेगुलेटरी एक्शन और UBS की सतर्कता निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाल रही है। पिछले एक महीने में Bajaj Auto के शेयर पहले ही 4.5% गिर चुके हैं।