MRF Share Price: दमदार नतीजों से रॉकेट बना MRF! शेयर **8%** उछला, एक्सपर्ट्स की राय क्या?
Overview
MRF Ltd. ने दिसंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे कंपनी के शेयरों में **8%** की भारी तेजी देखी गई। कंपनी ने **₹1,43,900** का स्तर पार किया।
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MRF Ltd. ने शुक्रवार, 6 फरवरी को अपने दिसंबर तिमाही के नतीजे पेश किए, जिसने बाजार को खूब लुभाया। कंपनी के EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 68% का जोरदार इजाफा हुआ और यह ₹1,399 करोड़ पर पहुंच गया। मार्जिन में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिला, EBITDA मार्जिन 450 बेसिस पॉइंट बढ़कर 17.4% हो गया। कंपनी का रेवेन्यू 15% बढ़कर ₹8,050.4 करोड़ रहा, जबकि एक बार के लेबर कोड से जुड़े ₹77.2 करोड़ के प्रभाव को एडजस्ट करने के बाद भी नेट प्रॉफिट दोगुना होकर ₹691.8 करोड़ हो गया।
इन मजबूत नतीजों के दम पर MRF के शेयरों में शुक्रवार को 6.7% की तेजी आई और यह ₹1,43,900 पर कारोबार करने लगा। पिछले 12 महीनों में स्टॉक पहले ही 26% बढ़ चुका है। कंपनी के बोर्ड ने ₹3 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है, जिसके लिए रिकॉर्ड डेट 13 फरवरी तय की गई है।
हालांकि, MRF के शेयर की वैल्यूएशन पर गौर करना जरूरी है। कंपनी का P/E (Price-to-Earnings) रेश्यो फिलहाल 30.6x से 31.7x के आसपास चल रहा है। यह इसके मुख्य प्रतिस्पर्धियों जैसे JK Tyre (P/E ~28x), CEAT (P/E ~25x), और Apollo Tyres (P/E ~22x) की तुलना में काफी प्रीमियम है। MRF का मार्केट कैप करीब ₹57,000-₹58,000 करोड़ है, जो इंडस्ट्री में इसकी लीडरशिप दिखाता है, लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन मल्टीपल पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है, खासकर पिछले साल स्टॉक में 26% की बढ़ोतरी को देखते हुए। कंपनी का 52-हफ्ते का ट्रेडिंग रेंज करीब ₹1,02,124 से ₹1,63,600 रहा है, जो हाल की प्राइस वोलैटिलिटी को दर्शाता है।
आगे बात करें तो, भारतीय ऑटो सेक्टर में फाइनेंशियल ईयर 2026 में 6-8% की ग्रोथ की उम्मीद है। सरकारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (₹12.2 लाख करोड़) इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को बढ़ावा देगा, जिससे टायरों की मांग बढ़ेगी। टू-व्हीलर और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट भी अच्छी ग्रोथ दिखा रहे हैं। लेकिन, टायर इंडस्ट्री को बढ़ती रॉ मैटेरियल लागत, खासकर नेचुरल रबर के दामों में वृद्धि से जूझना पड़ रहा है। इसके चलते FY25 में ऑपरेटिंग मार्जिन 200-400 बेसिस पॉइंट तक सिकुड़ सकते हैं। सप्लाई चेन की अस्थिरता और ग्लोबल टैरिफ की अनिश्चितताएं भी चुनौतियां पेश कर रही हैं।
विश्लेषकों का MRF पर मिला-जुला रुख है। दस विश्लेषकों में से ज्यादातर की राय 'Sell' की है, जबकि औसत प्राइस टारगेट लगभग ₹149,330 का है, जो मौजूदा स्तरों से कुछ अपसाइड की ओर इशारा करता है।
कुल मिलाकर, MRF का दिसंबर तिमाही का शानदार प्रदर्शन एक मजबूत नींव रखता है। हालांकि, आगे की ग्रोथ इनपुट लागतों को मैनेज करने और ऑटो सेक्टर की साइक्लिकैलिटी (cyclicality) को पार करने पर निर्भर करेगी। कंपनी की मजबूत मार्केट शेयर और ब्रांड इक्विटी इसके बड़े एसेट हैं। निवेशकों को ऊंची महंगाई के बीच मार्जिन बनाए रखने की कंपनी की क्षमता और बढ़ती लागतों के दौर में प्रीमियम वैल्यूएशन को सही ठहराने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखनी होगी।