LTM के शेयरधारकों के लिए गुरुवार का दिन खुशियों भरा रहा। कंपनी के सालाना नतीजों में आई ज़बरदस्त ग्रोथ के चलते शेयर **2.22%** बढ़कर **₹4,140.60** के स्तर पर पहुंच गए। कंपनी ने मार्च 2026 में समाप्त हुए साल के लिए **₹42,307.60 करोड़** का रेवेन्यू और **₹4,982.70 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इसके अलावा, कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट और **₹53** प्रति शेयर के डिविडेंड ने भी निवेशकों को आकर्षित किया।
कैसे हुआ इतना दमदार प्रदर्शन?
LTM के शेयरों में गुरुवार को 2.22% का उछाल देखा गया, जिससे स्टॉक ₹4,140.60 के स्तर पर बंद हुआ। निवेशकों ने कंपनी के हालिया फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। कंपनी ने अपने बिजनेस में लगातार ग्रोथ दिखाई है, जहां 2022 में सालाना रेवेन्यू ₹15,668.70 करोड़ था, वहीं मार्च 2026 तक यह बढ़कर ₹42,307.60 करोड़ हो गया। इसी अवधि में, कंपनी का नेट प्रॉफिट भी ₹2,298.50 करोड़ से बढ़कर ₹4,982.70 करोड़ हो गया।
तिमाही नतीजों में भी ग्रोथ जारी
सालाना आंकड़ों के अलावा, कंपनी का तिमाही प्रदर्शन भी विस्तार दिखाता है। जून 2026 की तिमाही में, कंपनी ने ₹11,608.00 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹9,840.60 करोड़ की तुलना में काफी ज्यादा है। जून 2026 की तिमाही के लिए नेट प्रॉफिट ₹1,468.60 करोड़ रहा, जो जून 2025 की तिमाही के ₹1,254.60 करोड़ से अधिक है। कंपनी की वित्तीय अनुशासन का एक अहम पहलू उसकी बैलेंस शीट में सुधार है। डेट-टू-इक्विटी रेशियो, जो 2022 में 0.09 था, मार्च 2026 तक घटकर 0.00 हो गया है। इसका मतलब है कि कंपनी फिलहाल बिना किसी बड़े लॉन्ग-टर्म डेट के अपना कारोबार चला रही है।
शेयरधारकों को मिला रिटर्न
कंपनी ने शेयरधारकों को रिटर्न देने का सिलसिला भी जारी रखा है। अक्टूबर 2025 में ₹22.00 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड और मई 2025 में ₹45.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने के बाद, कंपनी ने ₹53.00 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है। यह डिविडेंड 25 मई, 2026 से प्रभावी हो गया है। निवेशकों के लिए, डिविडेंड पर यह फोकस अक्सर मजबूत कैश फ्लो जेनरेशन का संकेत माना जाता है।
निवेशकों की नजर अब कंपनी के अगले प्रदर्शन पर रहेगी। यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने प्रॉफिट मार्जिन और रेवेन्यू ग्रोथ को बनाए रख पाती है या नहीं। साथ ही, कंपनी डेट पर निर्भर हुए बिना अपने ऑपरेशन्स को कैसे फंड करती है और लगातार डिविडेंड भुगतान के साथ कैपिटल एक्सपेंडिचर को कैसे संतुलित करती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
